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रायपुर में DMF फंड से विकास को रफ्तार, शिक्षा-स्वास्थ्य समेत जनहित के कार्यों के लिए 37 करोड़ मंजूर

रायपुर। नकटी गांव में हालिया प्रशासनिक कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) परिषद की अहम बैठक कलेक्ट्रेट स्थित रेड क्रॉस सभागार में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने की, जिसमें जिले के विकास कार्यों के लिए करीब 37 करोड़ रुपये के DMF फंड के उपयोग पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल को मिली प्राथमिकता

बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पर्यावरण और ग्रामीण विकास से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। आत्मानंद स्कूलों में अतिथि शिक्षकों के वेतन के लिए 8 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए, जबकि सरकारी स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्मार्ट क्लासरूम विकसित करने के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 8.30 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। साथ ही अधिकारियों को अधूरी पाइपलाइन योजनाओं को जल्द पूरा करने और गिरते भूजल स्तर को सुधारने के लिए जल संरक्षण एवं रिचार्ज कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

‘DMF की राशि का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे’

बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि DMF की प्रत्येक राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ जनहित और बुनियादी सुविधाओं के विकास में होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सभी स्वीकृत कार्यों को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश भी दिए।

पर्यावरण संरक्षण के लिए बढ़ा बजट

पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी बैठक में अहम फैसला लिया गया। इस मद में पहले प्रस्तावित 60 लाख रुपये की राशि बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये कर दी गई। साथ ही जिले की बंद पड़ी खदानों की फेंसिंग, सुरक्षित व्यवस्थापन और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक कार्य कराने के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य सुविधाओं पर 6 करोड़ खर्च होंगे

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए 6 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इसके तहत जिले के प्रत्येक ब्लॉक में एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं मेडिकल कॉलेज में गंभीर मरीजों के उपचार हेतु आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था के लिए 50 लाख रुपये अलग से मंजूर किए गए।

ग्रामीण विकास की योजनाओं को भी मिली मंजूरी

बैठक में 348 गांवों में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट लगाने में सहायता, लंबित करीब 14 हजार मामलों के त्वरित निराकरण, अस्पतालों में निर्बाध बिजली व्यवस्था, मॉडल महतारी सदन, आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण एवं मरम्मत, कौशल विकास और पशुपालन विभाग से जुड़ी योजनाओं के लिए भी वित्तीय प्रावधान स्वीकृत किए गए।

बैठक में राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, पुरंदर मिश्रा, इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, कलेक्टर गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ कुमार विश्वरंजन, पुलिस अधीक्षक सहित जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।