रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (सीजीएमएससी) में 660 करोड़ रुपए के रीएजेंट तथा उपकरण घोटाले में ईडी ने बुधवार को दुर्ग में मोक्षित कॉरपोरेशन और उसे संबंधित फार्म के साथ ही रायपुर के भाटागांव स्थित सीजीएमएससी के तत्कालीन उप महाप्रबंधक के पांच ठिकानों में छापा मारा। छापे की कार्रवाई में एक दर्जन से ज्यादा अधिकारी कर्मचारियों के साथ सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ की 25 सदस्यीय टीम भी शामिल थी। बता दें कि सीजीएमसी मैं हुए घोटाले को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ था। इसके बाद ईओडब्ल्यू और ईडी द्वारा छापेमारी की गई है।
नोटिस भेजकर अफसरों को तलब करेगी ईडी
छापेमारी के बाद ईडी जल्द ही स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को बयान लेने नोटिस जारी करेगी। रीजेंट और मेडिकल उपकरण की खरीदी के बाद संबंधित आपूर्ति वाले अस्पताल के अफसर और डिमांड आदेश जारी करने वालों को बुलवाया जाएगा। मोक्षित कार्पोरेशन ने अफसरों के साथ साठगांठ कर अलग-अलग जिलों में करोड़ों के मेडिकल उपकरण कई गुना कीमत पर आपूर्ति की थी। ज्यादातर आपूर्ति के कुछ माह बाद ही एक्सपायर हो गए।
इनके यहां छापेमारी
ईडी दुर्ग में मोक्षित कॉर्पोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा के साथ उसके रिश्तेदार सिद्धार्थ तथा शरद चोपड़ा के निवास तथा आवासीय परिसर में छापेमारी की। तलाशी के दौरान शशांक चोपड़ा और उसके रिश्तेदार के घरों से बड़ी संख्या में लेनदेन के दस्तावेज, वर्क आर्डर, मेडिकल से संबंधित सामानों की लिस्ट, बैंक ट्रांजैक्शन और निवेश से संबंधित दस्तावेज मिले हैं उक्त सभी को जांच के लिए जब्त किया गया है। हालांकि जांच एजेंसी द्वारा तलाशी में बरामद किए गए दस्तावेजों के संबंध में किसी भी तरह का खुलासा नहीं किया गया है। बता दे कि शशांक तथा कमलकांत ईओडब्लू द्वारा दर्ज रीएजेंट, उपकरण घोटाला केस में जेल भेजे गए हैं।










