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ईओडब्ल्यू: स्पेशल कोर्ट में 2000 पन्नों की चार्जशीट पेश तत्कालीन जीएम सुभाष मिश्रा समेत 4 पर दस्तावेजों में हेराफेरी का आरोप…

रायपुर. छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम में 3 करोड़ 61 लाख 99875 रुपए के घोटाले में तत्कालीन महाप्रबंधक सुभाष मिश्रा,उप प्रबंधक मुद्रण टेक्नीशियन संजय पिल्ले, छत्तीसगढ़ पैकेज प्राइवेट लिमिटेड के मुद्रक नंद गुप्ता और प्रबोध एंड कंपनी के संचालक युगबोध अग्रवाल के खिलाफ 2000 पन्नों का चालान पेश किया गया है।

ईओडब्ल्यू ने 2009-10 में घोटाले की जांच करने के बाद विशेष न्यायालय में गुरुवार को चालान पेश किया। इसमें बताया गया है कि किस तरह से सभी ने संयुक्त रूप से मिली भगत कर फर्जीवाड़ा किया और शासन को नुकसान पहुंचा। दस्तावेजों में हेरा फेरी कर अपने करीबी लोगों को अधिकारियों ने पुस्तक छपाई एवं मुद्रण का कार्य दिया गया। घोटाले के बाद 2013 में धोखाधड़ी,कूट रचना एवं अन्य धाराओं के तहत जुर्म दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया था। जांच के दौरान पता चला की छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अधिकारियों ने मुद्रण कार्य में अपने करीबी प्रिंटिंग कार्य करने वाले मुद्रकों को अवैध लाभ पहुंचाने के लिए निविदा शर्तों का उल्लंघन करते हुए उन्हें टेंडर जारी कर छपाई का काम सौंपा था

इस तरह किया घोटाला: छ.ग. पाठ्य पुस्तक निगम ने वर्ष 2009-10 में रायपुर में एमजीएमएल कार्ड्स क्लास 3-4 के मुद्रण कार्य में नियमों एवं निविदा की शर्तों का उल्लंघन करते हुये छग पाठ्य पुस्तक निगम रायपुर द्वारा मेसर्स प्रबोध एण्ड कम्पनी रायपुर को हिन्दी एवं गणित विषय के कार्ड्स 8000-8000 सेट हेतु 3,82,89,600 रुपए तथा मेसर्स छत्तीसगढ़ पैकेजर्स भिलाई को पर्यावरण विषय के 8000 कार्ड्स सेट 2,04,15,040 रुपए कुल 5,87,04,640 रुपए मुद्रकों को डाई कटिंग सहित भुगतान किया गया। जबकि डाई कटिंग की राशि को छोड़कर पाठ्य पुस्तक निगम रायपुर द्वारा केवल 1,83,95,440 रुपए का भुगतान मुद्रकों को किया जाना था। लेकिन पाठ्य पुस्तक निगम रायपुर के अधिकारियों ने 4,03,09,200 रुपए का अधिक भुगतान मुद्रकों को किया गया। उक्त राशि में 5 प्रतिशत सेवाकर एवं 2 प्रतिशत राशि टीडीएस के रूप में विभाग द्वारा काटी गई, जो कुल 41,09,325 रुपए होती है।

4,03,09,200 रुपए में सेवाकर तथा टीडीएस की राशि घटाने के बाद मेसर्स प्रबोध एंड कंपनी रायपुर एवं मेसर्स छत्तीसगढ़ पैकेजर्स मिलाई को कुल 3,61,99,875 रुपए का अधिक भुगतान कर पाठ्य पुस्तक निगम रायपुर के अधिकारियों द्वारा अवैध लाभ पहुंचाया गया है।

तत्कालीन प्रबंध संचालक के खिलाफ जल्द होगा चालान पेश

पाठ्य पुस्तक निगम घोटाले में तत्कालीन प्रबंध संचालक ( सेवानिवृत) खिलाफ जांच करने के बाद साक्ष्य संकलित किये जा चुके हैं। राज्य सरकार से अभियोजन स्वीकृति लेने पत्राचार किया गया है। इसकी अनुमति मिलते ही धारा 173 (8) आईपीसी के तहत जल्दी चालान पेश किया जाएगा।