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जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने ली विभागीय समीक्षा बैठक: निविदा में दोषी पाए गए 108 ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश, गुणवत्ता जांच के लिए उड़नदस्ता गठित

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रायपुर। जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में शिवनाथ भवन, अटल नगर में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभागीय कार्यों की प्रगति, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और ठेकेदारों के खिलाफ शिकायतों की जांच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में मुख्य अभियंताओं के साथ कार्यपालन अभियंता स्तर तक के सभी अधिकारी उपस्थित रहे।

दोषी पाए गए 108 ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि विष्णुदेव साय सरकार भ्रष्टाचार के मामले में ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्रवाई कर रही है। पूर्व बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों पर की गई कार्यवाही की जानकारी अधिकारियों द्वारा नहीं दिए जाने पर मंत्री ने कहा कि 7 जनवरी को आयोजित बैठक में ठेकेदारों के विरुद्ध टेंडर संबंधी शिकायतों पर कार्रवाई करने कहा गया था। मंत्री ने आज समीक्षा बैठक के दौरान प्रमुख सचिव और प्रमुख अभियंता को निर्देशित किया है कि जिन ठेकेदारों के द्वारा निविदा में भाग लेते समय गलत जानकारी दी गई है एवं टेंडर लेने का प्रयास किया गया है, ऐसे दोषी पाए गए लगभग 108 ठेकेदारों के विरुद्ध एक सप्ताह के भीतर ईएमडी राजसात कर उन्हें 1 साल के लिए निविदा प्रक्रिया से बाहर करें। कार्रवाई की जानकारी नहीं होने पर उन्होंने प्रमुख अभियंता को एक सप्ताह के भीतर तद्संबंधी कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

जल संसाधन विभाग के कार्यों की भौतिक निरीक्षण के साथ करेंगे अंतरराज्यीय और संभाग स्तरीय दौरा

जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सरकार की मंशा जल नियोजन की दिशा में बेहतर कार्य करना है। छत्तीसगढ़ प्रदेश का जल प्रबंधन पूरे देश में आदर्श बने, इसके लिए हमें कार्य करना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभागीय कार्यों की समीक्षा के साथ वे संभाग स्तरीय दौरा कर किए जा रहे कार्यों का प्रत्यक्ष अवलोकन भी करेंगे। मंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में जल संसाधन विभाग के कार्यों के लिए अनेकों संभावनाएं हैं। वर्तमान में हमारी योजना देऊरगांव और मटनार को लेकर स्पष्ट है। जल्द ही कार्य प्रारंभ होगा। इस योजना के माध्यम से बस्तर क्षेत्रवासियों को जल समस्या से राहत मिलेगी और किसानों को भी सिंचाई समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा तथा इंद्रावती के जल का समुचित उपयोग होगा। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि वे स्वयं इस योजना और कार्य की मॉनिटरिंग करेंगे। केदार कश्यप ने बताया कि वर्तमान समय में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के दिशा-निर्देश पर अंतरराज्यीय जल विवादों को सुलझाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं समक्का, जोरानाला, पोलावरम का स्थल भ्रमण करेंगे।

सुशासन तिहार के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का हो जल्द निराकरण

जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देश देते हुए मंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार, विष्णुदेव साय सरकार द्वारा लोगों की समस्याओं के निराकरण हेतु मनाया जा रहा है। इस तिहार के माध्यम से प्राप्त सभी शिकायतों एवं मांगों का वर्गीकरण कर मई माह के अंतिम तिथि तक सभी आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करें। मंत्री ने कहा कि इस कार्य के लिए सभी कार्यालयों से समन्वय स्थापित करने और प्रमुख अभियंता कार्यालय में प्रभारी अधिकारी भी नामित करें। साथ ही जो आवेदन विभाग से संबंधित नहीं हैं, उन्हें संबंधित विभाग को 02 दिवस के भीतर हस्तांतरित करें।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर प्राथमिकता सूची बनाएं

जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त करने के लिए विधानसभावार 5-5 कार्यों की प्राथमिकता सूची स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा करने के पश्चात एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने को कहा। इसके साथ ही विभाग में नई दर अनुसूची 2025 का विमोचन आगामी 7-10 दिवस के भीतर करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। प्रशासकीय स्वीकृति हेतु प्राथमिकता सूची में शामिल योजनाओं का डीपीआर नई SOR दर पर तैयार करने, प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त योजनाओं में निविदा स्वीकृति का कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।

कार्यों के निरीक्षण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने विभाग के अंतर्गत प्रगतिरत कार्यों को समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने की बात करते हुए कहा कि विभागीय कार्यों को पूर्ण करने में कठिनाई उत्पन्न होने पर विभागीय अधिकारीगण आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य को पूर्ण करने हेतु विशेष प्रयास करें ताकि लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कोताही बरतने पर संबंधित अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता निरीक्षण के लिए संभाग स्तरीय उड़नदस्ता

मंत्री केदार कश्यप ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के निरीक्षण हेतु तीन संभाग स्तरीय उड़नदस्ता टीम बस्तर संभाग, रायपुर-दुर्ग संभाग एवं बिलासपुर-सरगुजा संभाग में सुशासन तिहार के दौरान निरीक्षण किए जाने हेतु तत्काल गठित की है।

मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता भी करेंगे कार्यों का निरीक्षण

मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि विष्णुदेव साय सरकार किसी भी स्थिति में विभागीय कार्यों में लापरवाही नहीं चाहती। जल संसाधन विभाग के निर्माण कार्यों में अब मुख्य अभियंता 5 प्रतिशत कार्यों का, अधीक्षण अभियंता 10 प्रतिशत कार्यों का एवं कार्यपालन अभियंता 100 प्रतिशत कार्यों का अलग-अलग निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विजन से बदलेगा छत्तीसगढ़ में जल संसाधन विभाग के कार्यों की दिशा

समीक्षा बैठक के समापन में मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जल संरक्षण और जल स्रोतों का संवर्धन सिर्फ़ नीतिगत मामला नहीं है, यह एक प्रयास भी है और एक गुण भी है। इसमें उदारता भी है और ज़िम्मेदारी भी। उन्होंने कहा, “जल वह पहला मापदंड होगा जिसके आधार पर हमारी आने वाली पीढ़ियां हमारा मूल्यांकन करेंगी।” मंत्री ने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि जल सिर्फ़ एक संसाधन नहीं है, बल्कि यह जीवन और मानवता के भविष्य से जुड़ा सवाल है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी जी के संकल्पों का स्मरण करते हुए कहा कि जल संरक्षण, टिकाऊ भविष्य के लिए 9 संकल्पों में सबसे प्रमुख है। उन्होंने जल संरक्षण के सार्थक प्रयासों में जन भागीदारी को बढ़ावा देने को कहा। इस दिशा में छत्तीसगढ़ के उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्होंने अधिकारियों को बधाई भी दी।