रायपुर : छत्तीसगढ़ के चर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। ऐप के प्रमोटर और मुख्य आरोपियों में शामिल सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर ओमान में हिरासत में लिए गए चंद्राकर का भारतीय एजेंसियों के समन्वय से प्रत्यर्पण कराया गया। अब उसे 2 नवंबर को रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश करने की तैयारी है।
रेड कॉर्नर नोटिस के बाद ओमान में पकड़ा गया था आरोपी
CBI के अनुसार, सौरभ चंद्राकर के खिलाफ पहले ही इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका था। इसी आधार पर ओमान की रॉयल पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था।इसके बाद CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भारत सरकार के माध्यम से ओमान के अधिकारियों को प्रत्यर्पण का औपचारिक अनुरोध भेजा। इसके साथ आरोपी के खिलाफ जुटाए गए दस्तावेज और जांच से जुड़े साक्ष्य भी उपलब्ध कराए गए।भारत सरकार, इंटरपोल और ओमान के अधिकारियों के बीच समन्वय से प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी हुई। इसके बाद CBI की विशेष टीम मस्कट पहुंची और सौरभ चंद्राकर को लेकर भारत लौटी।
दो CBI मामलों में आरोपपत्र दाखिल
जांच एजेंसी के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर दो अलग-अलग CBI मामलों में आरोपी है। दोनों मामलों में आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। वहीं, ED ने भी मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में उसके खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की है।जांच एजेंसियों का आरोप है कि महादेव ऑनलाइन बुक ऐप के जरिए देशभर में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी का बड़ा नेटवर्क चलाया जा रहा था। इस नेटवर्क का संचालन कथित तौर पर विदेश से किया जाता था।
फर्जी बैंक खातों और हवाला के जरिए रकम भेजने का आरोप
CBI की जांच में सामने आया है कि महादेव ऑनलाइन बुक प्लेटफॉर्म पर क्रिकेट, फुटबॉल, ताश और अन्य खेलों पर सट्टा लगवाया जाता था। इसके लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में पैनल और शाखाएं संचालित की जाती थीं।जांच एजेंसी का आरोप है कि सट्टेबाजी से मिलने वाली रकम अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। इसके बाद कई स्तरों पर लेनदेन के जरिए धन को इधर-उधर भेजा जाता था और कथित हवाला नेटवर्क के माध्यम से विदेश पहुंचाया जाता था।CBI ने यह आरोप भी लगाया है कि अवैध कारोबार को संरक्षण देने और उसके संचालन में बाधाएं रोकने के लिए कुछ सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत दी गई थी।इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं और छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं।
मेडिकल जांच के बाद रायपुर लाने की तैयारी
CBI के मुताबिक, भारत पहुंचने के बाद सौरभ चंद्राकर का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ट्रांजिट रिमांड के जरिए उसे रायपुर लाया जाएगा।उसे 2 नवंबर को रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया जाना प्रस्तावित है। अदालत में पेशी के बाद आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय होगी। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत के फैसले से ही होगी।













