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बस्तर की शिक्षा व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव! मंत्री गजेंद्र यादव ने दिए सख्त निर्देश, बंद स्कूलों से लेकर शिक्षकों की उपस्थिति तक तय हुआ एक्शन प्लान

 रायपुर। प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बस्तर संभाग की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने के उद्देश्य से बुधवार को बस्तर कलेक्टोरेट के प्रेरणा सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में स्कूलों की वर्तमान स्थिति, विद्यार्थियों की पढ़ाई, शिक्षकों की उपस्थिति, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और शैक्षणिक गुणवत्ता समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि बस्तर के समग्र विकास की मजबूत नींव बेहतर शिक्षा से ही रखी जा सकती है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अंदरूनी इलाकों के स्कूलों को फिर से बनाया जाएगा सक्रिय

शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों के बंद या कमजोर पड़ चुके विद्यालयों को दोबारा सक्रिय बनाने की ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही विद्यार्थियों और शिक्षकों की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने और स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक माहौल विकसित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा।

गणित, हिंदी और अंग्रेजी की मजबूत नींव पर रहेगा खास फोकस

बैठक में प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। मंत्री ने निर्देश दिए कि गणित, हिंदी और अंग्रेजी विषयों की पढ़ाई तय कैलेंडर, विद्यालयवार योजना और विषयवार समय सारणी के अनुसार कराई जाए। इसके साथ ही नियमित रिवीजन टेस्ट लेकर बच्चों की सीखने की क्षमता का लगातार आकलन किया जाए।

ऑनलाइन उपस्थिति में लापरवाही पर होगी कार्रवाई

समीक्षा के दौरान आधार बेस ऐप के माध्यम से विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति तथा वीएसके ऐप के जरिए शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की जानकारी ली गई। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जो अधिकारी या कर्मचारी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। जिन विद्यालयों में नेटवर्क की समस्या है, उनकी सूची कलेक्टर के माध्यम से उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।

मूल विभाग में लौटेंगे प्रतिनियुक्त अधिकारी और कर्मचारी

बैठक में शिक्षा विभाग के ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की स्थिति की भी समीक्षा की गई जो अन्य विभागों में पदस्थ हैं। मंत्री ने निर्देश दिए कि ऐसे सभी कर्मचारियों को उनकी मूल पदस्थापना पर वापस भेजने की प्रक्रिया का सख्ती से पालन कराया जाए।

कमजोर स्कूलों के लिए बनेगी अलग रणनीति

शिक्षा मंत्री ने बसाहटवार प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति, नए स्कूलों की आवश्यकता, बंद विद्यालयों को दोबारा शुरू करने की योजना और बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के आधार पर नियमित यूनिट टेस्ट और तिमाही परीक्षाएं आयोजित की जाएं, ताकि बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकें। कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक लेकर सुधारात्मक कदम उठाने के भी निर्देश दिए गए।

नामांकन से लेकर छात्रवृत्ति तक हर योजना की हुई समीक्षा

बैठक में विद्यार्थियों के नामांकन, उपस्थिति, ड्रॉपआउट, शिक्षकों की उपलब्धता, रिक्त पदों, युक्तियुक्तकरण, स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों की कार्ययोजना और गैप एनालिसिस की समीक्षा की गई। इसके अलावा छात्रवृत्ति, गणवेश, पाठ्यपुस्तक वितरण, सरस्वती सायकल योजना, मध्यान्ह भोजन, न्यौता भोजन और स्कूल भवनों के निर्माण कार्यों सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति का भी आकलन किया गया।

पीएम श्री स्कूलों की तर्ज पर विकसित होंगे उत्कृष्ट विद्यालय

मंत्री यादव ने स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों को पीएम श्री स्कूलों की तर्ज पर विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जर्जर स्कूल भवनों को नियमानुसार हटाने, आवश्यक मरम्मत कार्यों में उपलब्ध बजट का पूरा उपयोग करने और सभी विद्यार्थियों तक समय पर पाठ्यपुस्तक पहुंचाने पर जोर दिया। साथ ही अवितरित पुस्तकों का विद्यालय और संकुल स्तर पर व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने के निर्देश भी दिए।

छात्राओं को सायकल देकर बढ़ाया उत्साह

समीक्षा बैठक से पहले शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कलेक्टोरेट परिसर में सरस्वती सायकल योजना के तहत पात्र छात्राओं को निःशुल्क सायकल और उपहार वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने छात्राओं को नियमित अध्ययन, मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।बैठक में शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, संचालक ऋतुराज रघुवंशी, कलेक्टर आकाश छिकारा, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, संभागीय संयुक्त संचालक एच.आर. सोम सहित सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, डीएमसी, बीईओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।