स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले, 14 अगस्त 2026 को देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने लगातार स्थिर दरें बरकरार रखी हैं। 25 मई 2026 के बाद से ईंधन के दामों में कोई नया संशोधन नहीं किया गया है। इससे पहले पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी।
देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम
देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता जैसे महानगरों में भी पेट्रोल की कीमत 110 रुपये प्रति लीटर से ऊपर बनी हुई है। वहीं हैदराबाद को छोड़कर अधिकांश बड़े शहरों में डीजल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर से कम है।
शहरवार पेट्रोल और डीजल की कीमतें
| शहर | पेट्रोल | डीजल |
|---|---|---|
| पुणे | 104.04 रुपये | 90.57 रुपये |
| नोएडा | 102.12 रुपये | 95.21 रुपये |
| सूरत | 95.00 रुपये | 89.00 रुपये |
| चेन्नई | 107.74 रुपये | 99.55 रुपये |
| कोलकाता | 113.51 रुपये | 99.82 रुपये |
| लखनऊ | 101.86 रुपये | 94.97 रुपये |
| जयपुर | 112.66 रुपये | 97.46 रुपये |
| पटना | 113.37 रुपये | 100.20 रुपये |
| भोपाल | 114.54 रुपये | 100.30 रुपये |
घर बैठे SMS से ऐसे जानें अपने शहर का ईंधन रेट
अगर आप अपने शहर में पेट्रोल और डीजल की ताजा कीमत जानना चाहते हैं, तो मोबाइल से एसएमएस भेजकर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- इंडियन ऑयल के ग्राहक शहर का कोड लिखकर उसके बाद ‘RSP’ टाइप करें और 9224992249 पर भेजें।
- बीपीसीएल के ग्राहक ‘RSP’ लिखकर 9223112222 पर एसएमएस भेज सकते हैं।
- एचपीसीएल के ग्राहक ‘HP Price’ लिखकर 9222201122 पर मैसेज भेजकर ताजा कीमत जान सकते हैं।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें किन कारणों से बदलती हैं
भारत अपनी कुल जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव सीधे घरेलू ईंधन कीमतों को प्रभावित करता है। जब वैश्विक बाजार में कच्चा तेल महंगा होता है, तो आयात लागत बढ़ जाती है और इसका असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी दिखाई देता है।
इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी अहम भूमिका निभाती है। चूंकि कच्चे तेल का भुगतान अमेरिकी डॉलर में किया जाता है, इसलिए रुपया कमजोर होने पर आयात महंगा हो जाता है और ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
टैक्स भी तय करते हैं अंतिम कीमत
पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमत में केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स का बड़ा योगदान होता है। अलग-अलग राज्यों में वैट और अन्य करों की दरें अलग होने के कारण एक ही दिन अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतों में अंतर देखने को मिलता है।







