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38000 हजार फीट ऊंचाई पर कभी नहीं हुआ होगा ऐसा स्वागत… महाकुंभ जा रहे श्रद्धालुओं का ‘पोएटिक पायलट’ ने इस अंदाज में किया वेलकम

प्रयागराज: महाकुंभ में देश-दुनिया के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है. श्रद्धालु बड़ी संख्या में प्रयागराज पहुंचकर गंगा स्नान कर रहे हैं. महाकुंभ में हर रोज करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं. त्रिवेणी संगम में हर-हर गंगे और हर-हर महादेव का जयघोष गूंज रहा है. इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें कुछ यात्री फ्लाइट से प्रयागराज जा रह हैं. इसमें फ्लाइट के कप्तान (पोएटिक पायलट) श्रद्धालुओं का शायराना अंदाज में स्वागत करते नजर आ रहे हैं. पायलट का ये वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. लोग इसे खूब पसंद भी कर रहे हैं.

दरअसल, स्पाइस जेट के पायलट ने महाकुंभ के श्रद्धालुओं से भरी फ्लाइट में ऐसे अंदाज में अनाउंसमेंट किया कि सब ‘जयकारे’ लगाने लगे. कप्तान ने शायराना अंदाज में यात्रियों के स्वागत में भाषण दिया. इन पायलट को लोग ‘Poetic Pilot’ के नाम से जानते हैं. इनका नाम मोहित तेवतिया है जो अपने शायराना अंदाज के लिए जाने जाते हैं.

पोएटिक पायलट का खास अंदाज

वीडियो में वे कविताओं की शैली में कह रहे हैं कि ‘नमस्कार श्रीमती और श्रीमान, विमान कक्ष से हैं आप सभी के लिए पैगाम. आज इस उड़ान के लिए स्पाइस जेट ने भेजे हैं दो विद्वान, जिनके साथ पोएटिक पायलट आपका कप्तान और दूसरा नवीन मेरा सह-कप्तान. स्वागत है आप सभी का स्पाइस जेट में एज अ मेहमान, अब जिमेदारी हमारी है करना आपका सम्मान. अगर हमने सहतापूर्वक किया अपना काम, तो अब से डेढ़ घंटे में होगा गंतव्य पे प्रस्थान.” तो जरा दें फेफड़ों को आराम और ना करें धूम्रपान, वरना दंडनीय हो सकता है अंजाम, अगर ऊंचाईं की बात करें तो होगा 38000 हजार फीट का मुकाम, क्योंकि अगर और उपर गए तो दिख सकते हैं भगवान.’

‘ये मौका अगले 150 साल तक नहीं मिलने वाला है’

फिर उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए एक और कविता पढ़ी. उन्होंने कहा- ‘महाकुंभ का महौल बहुत ही अदभुत और निराला है, यहां अमीर से अमीर और फकीर से फकीर इंसान पहुंचने वाला है’ महाकुंभ का महौल बहुत ही अदभुत और निराला है, यहां अमीर से अमीर और फकीर से फकीर इंसान पहुंचने वाला है, और जो भी इस त्रिवेणी में डुबकी लगाएगा, वह बहुत ही किस्मत वाला है, क्योंकि आने वाली पुश्तों को ये मौका अगले 150 साल तक नहीं मिलने वाला है.’