Advertisement Carousel

Mahashivratri Mahakumbh 2025 : महाशिवरात्रि पर अंतिम अमृत स्नान के साथ होगा महाकुंभ का समापन, डुबकी लगाने से पहले ये नई गाइडलाइन देख लें श्रद्धालु

Mahashivratri Mahakumbh 2025. फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि (26 फरवरी) को देशभर में महाशिवरात्रि मनाई जाएगी. महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2025) के साथ ही महाकुंभ का भी समापन होगा. अंतिम स्नान को लेकर सरकार ने भी पूरी तैयारी कर ली है. अब से चंद घंटे बाद दिव्य और भव्य महाकुंभ का अंतिम अमृत स्नान शुरू हो जाएगा. इसे लेकर तमाम तैयारियां कर ली गई हैं. शहर को नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है. शाम 4 बजे से मेला क्षेत्र में भी गाड़ियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. ये वाहन प्रशासन की ओर से निर्धारित पार्किंग पर खड़े किए जा रहे हैं.

महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2025) के मद्देनजर भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यातायात को लेकर प्लान तैयार किया है. जिसके तहत प्रयागराज पहुंचने वाली गाड़ियों को संगम से 10 किमी पहले ही रोका जा रहा है. शहर को भी नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है. वहीं भीड़ की बात करें तो यहां पर श्रद्धालुओं का हुजूम इतना है कि लोगों के केवल सिर ही दिखाई पड़ रहे हैं. इसके अलावा सुरक्षा के लिए भी तगड़ी व्यवस्था की गई है.

श्रद्धालुओं के नई गाइडलाइन जारी

शहर में वाहनों के लिए डायवर्जन प्लान लागू किया गया है. श्रद्वालुओं के लिए भी नई गाइडलाइन जारी की गई है. जिसके तहत जो श्रद्धालु जिस भी जगह से मेला परिसर में प्रवेश करेंगे उन्हें वहीं से पास वाले घाट पर ही स्नान करना होगा.

 

  • गाइडलाइन के मुताबिक दक्षिण झूसी से आने वाले श्रद्वालु संगम और ऐरावत घाट पर ही स्नान कर सकेंगे.
  • उत्तरी झूसी से आने वाले श्रद्वालु संगत हरिशचन्द्र घाट और संगम ओल्ड जीटी पर आस्था की डुबकी लगाएंगे.
  • परेड़ से आने वाले श्रद्वालु संगम द्वार भारद्वाज घाट, संगम द्वार नागवासुकी घाट, मोरी घाट, काली घाट, रामघाट और हनुमान घाट पर स्नान करेंगे.
  • अरैल क्षेत्र से आने वाले श्रद्वालु सीधे अरैल घाट पर स्नान करेंगे.