हिंदू रीति के अनुसार शादी को सात जन्मों को बंधन माना जाता है. लेकिन एक दुल्हन ने दूल्हे की एक ऐसी हरकत देखी कि वो उसके साथ सात जन्म तो दूर सात पल भी रहने को राजी न हुई. वह सुहागरात के अगले ही दिन अपने मायके चली गई. अब महिला ने मामले की शिकायत राज्य महिला आयोग से की है.
दरअसल हरिद्वार की रहने वाली एक युवती की शादी हरियाणा के यमुनानगर में रहने वाले एक लड़के से हुई. शादी दोनों परिवारों की रजामंदी से हुई थी. इसके बाद दुल्हन भी नई जिंदगी के सपने सजाए अपने बाबुल के आंगन को छोड़कर पिया के साथ उसके घर आ गई.
सुहागरात वाली रात दुल्हन अपने कमरे में दूल्हे का इंताजर कर रही थी. लेकिन जब काफी देर बाद भी दूल्हा कमरे में नहीं आया तो दुल्हन उसे ढूंढते हुए दूसरे कमरे में चली गई. वहां दूल्हे को दुल्हन ने ऐसी हालत में देखा कि उसकी चीख निकल गई. दरअसल दूल्हा लड़कियों की तरह खुद का श्रृंगार कर रहा था. दूल्हे ने जब दुल्हन को देखा तो वो सकपका गया.
इसके बाद उसने दुल्हन को बताया कि वो गे है और उसे लड़कों में दिलचस्पी है. इस पर दुल्हन ने उससे पूछा कि आखिर फिर उसने शादी क्यों की. इस पर दूल्हे ने कहा कि समाज हम जैसों को स्वीकार नहीं करता. घर से शादी का दवाब था. इसलिए शादी कर ली. इन सब बातों के बाद दुल्हन का दिल टूट गया और वो अपने मायके चली गई.
दुल्हन ने राज्य महिला आयोग से मामले की शिकायत कर दी. दुल्हन ने आरोप लगाया कि दूल्हे के घर वालों ने भी शादी से पहले इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी. अब तो मेरी दुनिया ही उजड़ गई है.















