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छत्तीसगढ़ के इन आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता, किस जिले में सबसे ज्यादा बढ़े गंभीर अपराध? पूरी तस्वीर चौंकाएगी

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए। विधायक उमेश पटेल के सवाल के लिखित जवाब में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने पिछले दो वर्षों के दौरान हत्या, लूट, अपहरण, हिरासत में मौत और जेल से जुड़े मामलों की जानकारी सदन में रखी। रिपोर्ट के अनुसार रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे बड़े शहर गंभीर अपराधों में सबसे आगे बने हुए हैं, जबकि कई आदिवासी जिलों में अपराध के मामले अपेक्षाकृत कम दर्ज किए गए हैं।

अपहरण के मामलों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2026 के बीच अपहरण के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। राजधानी रायपुर में अपहरण के 634 मामले दर्ज हुए, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 524 थी। बिलासपुर में यह आंकड़ा 331 से बढ़कर 438 पहुंच गया। दुर्ग में भी अपहरण के मामलों में तेज इजाफा हुआ और संख्या 229 से बढ़कर 365 हो गई।

बलौदाबाजार, रायगढ़, महासमुंद, मुंगेली, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और कई अन्य जिलों में भी अपहरण के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई।

हत्या के मामलों में मिला-जुला रुझान

हत्या के मामलों में प्रदेशभर में एक समान स्थिति नहीं रही। रायपुर में हत्या के मामले 85 से घटकर 84 हो गए, जबकि बिलासपुर में 59 से घटकर 50 दर्ज किए गए। दूसरी ओर दुर्ग में हत्या की घटनाएं 53 से बढ़कर 60 पहुंच गईं। बलौदाबाजार और कोरिया जैसे जिलों में भी हत्या के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि जशपुर, बीजापुर, सुकमा और कांकेर समेत कई जिलों में कमी देखने को मिली।

लूट की घटनाओं में कुछ जिलों में राहत

लूट के मामलों में कई जिलों में स्थिति स्थिर रही। रायपुर में लूट के मामले 66 से घटकर 64 हो गए। दुर्ग में 43 से घटकर 27 और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 7 से घटकर 1 मामला दर्ज हुआ। हालांकि बिलासपुर, बलौदाबाजार और महासमुंद जैसे जिलों में लूट की घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

हिरासत में मौत के मामले बेहद सीमित

सरकारी आंकड़ों के अनुसार पुलिस हिरासत में मौत के मामले अधिकांश जिलों में शून्य रहे। वर्ष 2025-26 के दौरान दुर्ग, कबीरधाम और बीजापुर में एक-एक मामला दर्ज हुआ। इससे पहले धमतरी और कोरबा में भी एक-एक मामला सामने आया था।

सबसे अधिक अपराध किन जिलों में दर्ज हुए

दो वर्षों के दौरान दर्ज कुल अपराधों की संख्या के आधार पर रायपुर प्रदेश में पहले स्थान पर रहा, जहां 31 हजार 867 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद बिलासपुर में 28 हजार 924 और दुर्ग में 22 हजार 75 अपराध दर्ज हुए। कोरबा, बलौदाबाजार, रायगढ़ और जांजगीर-चांपा भी अपराध के लिहाज से प्रमुख जिलों में शामिल रहे।

वहीं सबसे कम अपराध नारायणपुर, रेल रायपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जैसे जिलों में दर्ज किए गए।

सरकार ने बताए अपराध नियंत्रण के उपाय

गृह मंत्री विजय शर्मा ने सदन में बताया कि प्रदेश में अपराध नियंत्रण के लिए महिला थाना, साइबर थाना, सामुदायिक पुलिसिंग, जन चौपाल और त्वरित कानूनी कार्रवाई जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए ‘हेलो सिस्टर’ अभियान और ‘अभिव्यक्ति’ मोबाइल एप के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा संवेदनशील इलाकों में बीट व्यवस्था, नियमित पेट्रोलिंग और लगातार निगरानी के जरिए कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है।