कोरबा : महिला की मौत के बाद परिवारिक विवाद से जुड़ा मामला सामने आया है। कोतवाली थाना क्षेत्र की लक्ष्मणबंध बस्ती में 40 वर्षीय लक्ष्मी मानिकपुरी ने फांसी लगाकर जान दे दी। घटना से पहले महिला ने अपनी बहनों को एक वीडियो भेजा था। इसके अलावा घर की दीवार पर लिखी गई कथित बातों में उसने अपनी बहू पर गंभीर आरोप लगाए थे।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस अब महिला की मौत से पहले की परिस्थितियों, वीडियो और दीवार पर मिली लिखावट को जांच का हिस्सा बना रही है।
मौत से पहले परिवार में हुआ था विवाद
बताया जा रहा है कि घटना से पहले लक्ष्मी मानिकपुरी का अपने पति, बेटे और बहू के साथ विवाद हुआ था। इसके बाद महिला ने अपनी बहनों को वीडियो भेजा। वीडियो में पारिवारिक विवाद से संबंधित बातें सामने आने की जानकारी दी जा रही है।पुलिस इस वीडियो को भी महत्वपूर्ण साक्ष्य मानकर उसके आधार पर घटनाक्रम को समझने का प्रयास कर रही है। साथ ही परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर विवाद की पूरी पृष्ठभूमि खंगाली जा रही है।
दीवार पर लिखी कथित बात ने बढ़ाई जांच की गंभीरता
परिजनों के अनुसार, महिला ने घर की दीवार पर एक कथित सुसाइड नोट लिखा था। इसमें बहू पूर्णिमा महंत को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया गया है। हालांकि, लिखावट और उसमें लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।पुलिस ने इस लिखावट को जांच के दायरे में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि विशेषज्ञ जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दीवार पर लिखी गई बात वास्तव में मृतका की ही लिखावट है या नहीं।
हैंडराइटिंग एक्सपर्ट करेगा लिखावट की जांच
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी के मुताबिक, दीवार पर मिली लिखावट की जांच हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से कराई जाएगी। इसके साथ ही पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार कर रही है।जांच एजेंसी घटना से पहले हुए विवाद, महिला द्वारा भेजे गए वीडियो, कथित सुसाइड नोट और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को आपस में जोड़कर मामले की वास्तविक वजह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
जांच पूरी होने के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल पुलिस ने मामले को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विशेषज्ञ जांच से मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। महिला की मौत के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।











