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कोरबा, सरगुजा और बस्तर में 2700 सहायक शिक्षकों की भर्ती से रोक हटाई हाईकोर्ट ने

प्रदेश के किसी भी जिले के पात्र

अभ्यर्थी कर पाएंगे आवेदन

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शुक्रवार 12 मई को सहायक शिक्षकों की भर्ती के संबंध में बड़ा आदेश दिया है। कोरबा सरगुजा व बस्तर में होने वाले 2700 पदों पर सहायक शिक्षकों की भर्ती पर लगी रोक को हाईकोर्ट ने हटा दिया है। अब प्रदेश के किसी भी जिले का पात्र अभ्यर्थी कोरबा, सरगुजा व बस्तर में टीचर बन सकते हैं।

बता दे 17 जनवरी 2012 को राज्यपाल द्वारा एक अधिसूचना जारी की गई थी। जिसमें बस्तर और सरगुजा संभाग में स्थानीय निवासियों को ही तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के पदों पर मौका देने संबंधी आदेश था। यह आदेश पहले तो केवल 2 साल के लिए लागू किया गया उसके बाद इसे बढ़ाकर 2023 तक कर दिया गया। यही नियम कोरबा जिले को लेकर भी बनाया गया। राज्यपाल की इस अधिसूचना के खिलाफ शुशांत शेखर धराई और उमेश मिश्रा नाम के व्यक्तियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

उन्होंने याचिका में राज्यपाल की अधिसूचना को चुनौती देते हुए कहा कि राज्य के लोगों को जाति, जन्म व निवास के आधार पर नौकरी देने से इनकार नहीं किया जा सकता। सभी को समान अधिकार है और प्रदेश का व्यक्ति राज्य के किसी भी जिले में नौकरी क लिए पात्र होता है। इस मामले में प्रारंभिक सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच ने पांचवी अनुसूची में शामिल जिलों में सहायक शिक्षकों की भर्ती पर रोक लगा दी थी।

हाईकोर्ट ने 12 मई को इस संबंध में महत्वपूर्ण आदेश देते हुए कहां है कि संविधान में सभी नागरिकों को समान रूप से रोजगार का अवसर दिया गया है। इसे पांचवी अनुसूची के तहत हटाया नहीं जा सकता। हाईकोर्ट ने कहा है कि राज्यपाल और राज्य शासन को यह अधिकार नहीं है कि वह किसी भी जिले में स्थानीय निवासी को ही अवसर दें। विशेष परिस्थिति में आवश्यक होने पर अनुच्छेद 16 (3) के तहत निवास के आधार पर आरक्षण लागू करने का अधिकार संसंद के पास है।