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Politics ; हेमंत बिस्वा शर्मा का अरविंद केजरीवाल पर पलटवार कर डाली औरंगजेब से तुलना

ASAM; दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल रविवार (2 अप्रैल) को असम में थे. इस दौरान केजरीवाल ने कहा था कि राज्य में आप की सरकार आती है तो मुफ्त बिजली और नौकरी मिलेगी. उन्होंने कहा कि सभी दलों ने असम को लूटा है. हिमंत बिस्वा सरमा का नाम लेते हुए केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने गंदी राजनीति के सिवा कुछ नहीं किया. केजरीवाल ने आगे कहा कि लगता है कि असम के सीएम ने राज्य के लोगों की तरह मेहमाननवाजी नहीं सीखी. केजरीवाल का बयान उस संदर्भ में था जिसमें सरमा ने कहा था कि अगर केजरीवाल ने उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए तो वह उन पर केस करेंगे.

औरंगजेब जब आया था तो..

केजरीवाल के आरोपों पर पलटवार करते हुए असम सीएम ने कहा, ”हम अपने मेहमानों को भगवान की समझते हैं, लेकिन जब औरंगजेब असम आया था तो लचित बरफुकन (अहोम साम्राज्य के सेनापति) ने उसका स्वागत नहीं किया था. जब केजरीवाल यहां झूठ बोलने आए थे तो हम क्यों उनका अतिथि जैसा स्वागत करें. फिर भी हमने आपको सुरक्षा मुहैया कराई. दिल्ली जाने पर आप कभी नहीं कराते.” उन्होंने यह भी कहा कि कोविड के समय कई सवाल किए थे जिसका जवाब केजरीवाल ने नहीं दिया था.असम सीएम ने आगे कहा, ”असम के लोग खास हैं और उन्हें आम आदमी बनने की जरूरत नहीं है. असम के साढ़े तीन करोड़ खास लोगों को लेकर आगे बढ़ूंगा. हमारे असम का बहुत बड़ा इतिहास है. हम खास आदमी बनकर आगे बढ़ेंगे.”

दिल्ली सीएम के बुलावे पर बोले सरमा

केजरीवाल के दिल्ली निमंत्रण पर सरमा ने कहा, ”मैं असम से 50 लोगों को भेजूंगा, जिनमें ज्यादातर पत्रकार हैं और केजरीवाल को उन्हें दिल्ली के चारों ओर ले जाना है. केवल शर्त यह है कि उन्हें उन जगहों पर ले जाना होगा जहां हम जाना चाहते हैं, न कि वह जो वह हमें दिखाना चाहते हैं.”असम सीएम ने दावा किया कि दिल्ली की 60 फीसदी जनता नर्क में रहती है. इसके विपरीत, असम का 95 प्रतिशत स्वर्ग में रहता है. असम के गांव भी दिल्ली से अच्छे हैं.

केजरीवाल को कहा कायर

हिमंत बिस्वा सरमा ने केजरीवाल को कायर भी कहा. सरमा ने कहा कि केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा मेरे खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. केजरीवाल यहां आए थे, लेकिन उन्होंने एक भी बात नहीं कही. विधानसभा में उन्हें नियमों के तहत संरक्षण मिला है, लेकिन बाहर वही आरोप लगाने की हिम्मत नहीं हुई. केजरीवाल की बहादुरी केवल विधानसभा तक सीमित है.