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CG Budget 2024: बस्तर से बढ़ेगी एयर कनेक्टिविटी, शक्तिपीठ का होगा विकास, बीजापुर में जिला न्यायालय खोलने बजट में प्रावधान

CG Budget 2024 छत्तीसगढ़ में साय सरकार ने शुक्रवार को अपना पहला बजट पेश किया है। बस्तर के लिए भी करोड़ों रुपए खर्च किए जाएंगे। बस्तर से एयर कनेक्टिविटी बढ़ेगी और शक्तिपीठ मां दंतेश्वरी मंदिर का विकास होगा। बीजापुर में जिला न्यायालय की शुरुआत होगी। वहीं, क्षेत्रीय बोली हल्बी और गोंडी बोली के संरक्षण के लिए भाषा परिषद का गठन किया जाएगा।

इसके अलावा 2 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से एक सॉफ्टवेयर का बनाया जाएगा। इसके माध्यम से क्षेत्रीय बोली गोंडी और हल्बी का हिंदी अनुवाद किया जा सकेगा। जिसका फायदा सीधे लोगों को मिलेगा। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से लोग गोंडी और हल्बी बोली को आसानी से समझ पाएंगे। जगदलपुर में नर्सिंग कॉलेज के स्टाफ के लिए स्टाफ क्वार्टर बनेगा।

पर्यटन के क्षेत्र में भी होंगे काम

  • शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में 33 स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसके लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है।
  • बस्तर में पर्यटन के क्षेत्र में भी काम होंगे। पर्यटन सुविधा बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री जन पर्यटन योजना शुरू की जाएगी।
  • दंतेवाड़ा में स्थित बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी मंदिर को विकसित किया जाएगा। इसके लिए शक्तिपीठ परियोजना की शुरुआत होगी।

पहली बार जवानों को मिलेंगे बूट

  • बस्तर में नक्सल प्रभावित इलाके में सर्चिंग पर जाने वाले जवानों को उच्च क्वालिटी का रेडी-टू-ईट फूड दिया जाएगा।
  • जवानों के सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहली बार रेजिस्टेंट बूट दिया जाएगा।

पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी प्रावधान

  • साय सरकार के इस बजट में नक्सल प्रभावित इलाकों में सेवा देने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी बजट में प्रावधान है।
  • दूर-दराज नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थित पुलिस थाना और चौकी में ही रह सके, इसके लिए करोड़ों रुपए का भवन निर्माण करवाया जाएगा।
  • इसके अलावा संभागीय मुख्यालय में नवीन स्नातकोत्तर छात्रावास का निर्माण किया जाएगा।

वित्त मंत्री के भाषण में बस्तर की बात

बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि, हमारी रणनीति का सातवां फोकस बस्तर और सरगुजा की ओर देखो है। यह हमारी रणनीति का सातवां स्तंभ है। पिछले 5 सालों में कांग्रेस के कार्यकाल में बस्तर और सरगुजा क्षेत्र आर्थिक विकास की दृष्टि से अछूते रहे हैं।

अब इन क्षेत्रों की एयर कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए सार्थक पहल किया जाएगा। इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन और नेचूरोपैथी डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। बस्तर क्षेत्र में लघु वन उपज के प्रसंस्करण के लिए उद्योगों की स्थापना की जाएगी।