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भितरकनिका नेशनल पार्क आज से बंद, 31 जुलाई तक पर्यटकों के प्रवेश पर रोक

भुवनेश्वर: ओडिशा का प्रसिद्ध मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र और मगरमच्छ अभयारण्य, भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान को आज से पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। खारे पानी के (estuarine) मगरमच्छों के प्रजनन और घोंसला बनाने के मौसम को देखते हुए पार्क को 1 मई से 31 जुलाई, 2026 तक तीन महीने के लिए बंद रखा जाएगा।

राजनगर वन प्रभाग के अधिकारियों ने इस वार्षिक बंदी की घोषणा की है। वन विभाग के अनुसार, प्रजनन अवधि के दौरान मगरमच्छ अत्यधिक संवेदनशील हो जाते हैं। इस समय वे घोंसले बनाते हैं और अंडे देते हैं, जिसके कारण मानवीय हस्तक्षेप या शोर-शराबे से उनके प्रजनन की प्रक्रिया बाधित हो सकती है। इस दौरान ये सरीसृप स्वभाव से अधिक आक्रामक भी हो जाते हैं।

अगले तीन महीनों तक पर्यटकों को राष्ट्रीय उद्यान और उससे सटे भितरकाणिका वन्यजीव अभयारण्य के मुख्य प्रवेश द्वारों से प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। वन विभाग ने घोंसला बनाने वाले स्थल (डांगमाल, गुप्ति, खोला) की सुरक्षा के लिए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है।

भितरकनिका भारत में खारे पानी के मगरमच्छों की सबसे बड़ी आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है। नवीनतम अनुमानों के अनुसार, यहां मगरमच्छों की संख्या 1,800 से अधिक है। यह तीन महीने की बंदी एक नियमित संरक्षण उपाय है, जो हर साल इन प्राचीन सरीसृपों की सुरक्षा के लिए अपनाया जाता है। पार्क 1 अगस्त 2026 से फिर से पर्यटकों के लिए खुलने की उम्मीद है।