रायपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) बिलासपुर ने रिश्वतखोरी के तीन अलग-अलग मामलों में बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। एसीबी ने दो बाबुओं और एक सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) के खिलाफ संबंधित विशेष अदालतों में अभियोग पत्र (चार्जशीट) पेश कर दिया है। तीनों आरोपियों को अलग-अलग मामलों में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था।
तीनों मामलों में आगे बढ़ी न्यायिक कार्रवाई
एसीबी के अनुसार, आरोपियों में बीईओ कार्यालय पोड़ी उपरोड़ा (कोरबा) में पदस्थ बाबू प्रदीप मिश्रा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कार्यालय बिलासपुर के बाबू विजय पाण्डेय और सक्ती जिले के चंद्रपुर थाने में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक एस.एन. मिश्रा शामिल हैं। सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
40 हजार रुपये लेते पकड़ा गया था बाबू
29 मई को अमृतलाल बघेल की शिकायत पर एसीबी ने बीईओ कार्यालय पोड़ी उपरोड़ा में पदस्थ बाबू प्रदीप मिश्रा को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर विशेष न्यायालय (पीसी एक्ट), कोरबा में अभियोग पत्र पेश किया गया है।
15 हजार की रिश्वत मामले में बिलासपुर कोर्ट में चार्जशीट
10 मई को देवेन्द्र कश्यप की शिकायत पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कार्यालय बिलासपुर के बाबू विजय पाण्डेय को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था। इस मामले में भी एसीबी ने जांच पूरी कर विशेष न्यायालय (पीसी एक्ट), बिलासपुर में अभियोग पत्र दाखिल कर दिया है।
20 हजार रुपये लेते गिरफ्तार हुआ था एएसआई
इसी दिन शिव बरेठ की शिकायत पर चंद्रपुर थाना (जिला सक्ती) में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक एस.एन. मिश्रा को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। इस प्रकरण में भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विशेष न्यायालय (पीसी एक्ट), जांजगीर-चांपा में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया है।
भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी
एसीबी का कहना है कि रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के मामलों में साक्ष्यों के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद अब तीनों मामलों में न्यायालय में नियमित सुनवाई होगी।












