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CG ACB Action: केस कमजोर करने के नाम पर रिश्वत मांगने वाला प्रधान आरक्षक गिरफ्तार, 15 हजार रुपये लेते रंगे हाथ दबोचा गया

बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो ने एक प्रधान आरक्षक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिसकर्मी पर आरोप है कि उसने थाने में दर्ज एक मामले को कमजोर करने के बदले पीड़ित पक्ष से 20 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायत की जांच के बाद एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई कर उसे 15 हजार रुपये लेते हुए पकड़ लिया।

परिजनों के खिलाफ दर्ज मामले में मांगी थी रिश्वत

जानकारी के अनुसार अनीश पटेल ने एंटी करप्शन ब्यूरो से शिकायत की थी कि थाना थान-खम्हरिया में पदस्थ प्रधान आरक्षक अजय लहरे उनके परिजनों के खिलाफ दर्ज एफआईआर में राहत दिलाने और केस को कमजोर करने के एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है।

शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने के बजाय आरोपी को कानून के शिकंजे में लाने का फैसला किया और इसकी जानकारी एसीबी को दी।

सत्यापन में सही मिली शिकायत, 15 हजार रुपये में हुआ सौदा

एसीबी ने शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई। जांच के दौरान मोलभाव के बाद आरोपी प्रधान आरक्षक 15 हजार रुपये लेने पर राजी हो गया। इसके बाद एसीबी ने पूरी योजना के तहत ट्रैप की कार्रवाई की।

रंगे हाथों गिरफ्तार हुआ आरोपी

शुक्रवार 26 जून 2026 को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाकर प्रधान आरक्षक अजय लहरे को शिकायतकर्ता अनीश पटेल से 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई

एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988, संशोधित अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में पूछताछ और अन्य आवश्यक जांच की प्रक्रिया जारी है।