Advertisement Carousel

CM Mohan Yadav Mumbai Visit: प्रदेश में निवेश के अवसरों को बढ़ाने CM ने की उद्योगपतियों से चर्चा, कहा-‘मध्यप्रदेश में सभी सेक्टर में निवेश के अनुकूल माहौल”

मुंबई। CM Mohan Yadav Mumbai Visit: मध्य प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वर्ष 2025 को “उद्योग वर्ष” घोषित किया गया है। वहीं सरकार ने भोपाल में प्रस्तावित इन्वेस्ट मध्य प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2025 की तैयारी शुरू की गई। इसके लिए देश के अलग अलग राज्यों में जाकर निवेशकों को प्रदेश में निवेश करने के लिय आमंत्रित किया जा रहा है, इसी क्रम में कल 13 जुलाई को मुंबई में एक इन्टरेक्टिव सेशन का आयोजन किया गया जिसमें सीएम डॉ मोहन यादव भी शामिल हुए। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि, मध्यप्रदेश में सभी सेक्टर में निवेश के अनुकूल माहौल है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न रणनीतियों, योजनाओं के माध्यम से मध्य प्रदेश में निवेश के लिए सकारात्मक वातावरण के सुदृढ़ीकरण का सतत् प्रयास किया जा रहा है। जीआईएस- 2025 समिट का उद्देश्य भी निवेशकों को राज्य की क्षमताओं, प्रचुर संसाधनों एवं अनुकूल औद्योगिक वातावरण से अवगत कर मध्य प्रदेश निवेश के लिये आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करना एवं देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है।CM ने मुंबई में प्रमुख उद्योगपतियों से इन्टरेक्टिव सेशन में संवाद किया। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में निवेश के अवसरों को बढ़ाने के लिए उद्योगपतियों के साथ परिचर्चा भी की है।

CM Mohan Yadav Mumbai Visit: सीएम मोहन यादव ने सत्र को संबोधित किया और CM ने उद्योगपतियों से राउण्ड टेबल मीटिंग एवं वन-टू-वन चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि, मुझे प्रसन्नता है कि प्रदेश में लगातार निवेश बढ़ रहा है।उद्योग, व्यापार, व्यवसाय की दृष्टि से मध्यप्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल माहौल है। एनर्जी, टूरिज्म, हेल्थ, माइनिंग जैसे सभी सेक्टर में समान रूप से निवेश की बड़ी संभावनाएं हैं। हमने अपने बजट में भी इसकी गुंजाइश की, और आने वाले समय में लगातार प्रोत्साहन दे रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्र की अलग अलग समिट भी करने जा रहे हैं। आज मुंबई में बड़े पैमाने पर उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया। मध्यप्रदेश सरकार उनका स्वागत करती है। निवेश के माध्यम से मध्यप्रदेश इकोनॉमिक दृष्टि से समर्थ होगा, बल्कि रोजगार की दृष्टि से भी क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा और भारत में जीडीपी को आगे बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश अपनी ताकत के साथ आगे बढ़ेगा।