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बगैर आदेश के कार्य कर रहे दैनिक वेतन भोगियों को काम पर आने से किया मना, आज करेंगे कलेक्टोरेट का घेराव…

गरियाबंद। ट्राइबल विभाग में बगैर लिखित आदेश भर्ती किए गए 500 से ज्यादा दैनिक भोगियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया. छात्रावास-आश्रमों में स्वीकृत पदों से दोगुने संख्या में भर्ती नेता-अफसरों को खुश करने की गई थी. प्रशासन के अचानक आए आदेश से हतप्रभ कर्मी आज कलेक्टोरेट का घेराव करेंगे.

कलेक्टर भगवान सिंह उइके द्वारा 13 जनवरी को जारी एक आदेश ने ट्राईवल विभाग में कार्य कर रहे 500 से ज्यादा कर्मचारियों के लिए खतरे की घंटी बजा दिया है. जारी पत्र में शासन द्वारा 2014 में तय सेटअप का हवाला देते हुए कहा गया है कि विभाग के संस्थानों में दैनिक वेतन भोगी, भृत्य के स्वीकृत पदों के अतिरिक्त कर्मचारी कार्यरत है. इसलिए प्रति माह के 5 तारीख को तय सेटअप के मुताबिक पदस्थ कर्मचारियों की उपस्थिति प्रतिवेदन भेजने संस्थान के अधीक्षकों की निर्देश किया गया.

इस आदेश के बाद अधीक्षकों ने स्वीकृत पद से अतिरिक्त 519 कर्मियों को काम पर नहीं आने का मौखिक निर्देश दे दिया है, जिसके बाद आदिम जाति कल्याण विभाग में कार्य कर रहे दैनिक वेतन भोगियों ने मोर्चा खोल दिया है. इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए प्रभावित कर्मचारियों ने कई दौर का बैठक किया. पक्ष सुनने और समझौता के लिए 17 जनवरी और 27 जनवरी को कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया. सुनवाई नहीं होने पर कलेक्टर के नाम तीसरा पत्र लिख 30 जानवरी को कलेक्टर घेराव की चेतावनी दे दिया है.

कलेक्टर भगवान सिंह उइके द्वारा 13 जनवरी को जारी एक आदेश ने ट्राईवल विभाग में कार्य कर रहे 500 से ज्यादा कर्मचारियों के लिए खतरे की घंटी बजा दिया है. जारी पत्र में शासन द्वारा 2014 में तय सेटअप का हवाला देते हुए कहा गया है कि विभाग के संस्थानों में दैनिक वेतन भोगी, भृत्य के स्वीकृत पदों के अतिरिक्त कर्मचारी कार्यरत है. इसलिए प्रति माह के 5 तारीख को तय सेटअप के मुताबिक पदस्थ कर्मचारियों की उपस्थिति प्रतिवेदन भेजने संस्थान के अधीक्षकों की निर्देश किया गया.

इस आदेश के बाद अधीक्षकों ने स्वीकृत पद से अतिरिक्त 519 कर्मियों को काम पर नहीं आने का मौखिक निर्देश दे दिया है, जिसके बाद आदिम जाति कल्याण विभाग में कार्य कर रहे दैनिक वेतन भोगियों ने मोर्चा खोल दिया है. इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए प्रभावित कर्मचारियों ने कई दौर का बैठक किया. पक्ष सुनने और समझौता के लिए 17 जनवरी और 27 जनवरी को कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया. सुनवाई नहीं होने पर कलेक्टर के नाम तीसरा पत्र लिख 30 जानवरी को कलेक्टर घेराव की चेतावनी दे दिया है.