रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने नकली शराब के संगठित अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। खरसिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम धनागर में देर रात की गई छापेमार कार्रवाई में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में नकली शराब, डुप्लीकेट होलोग्राम, पैकिंग सामग्री और शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं।
झारखंड और ओडिशा से लाकर तैयार की जा रही थी नकली ब्रांडेड शराब
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी झारखंड और ओडिशा से अवैध शराब मंगवाता था। इसके बाद उसे विभिन्न नामी अंग्रेजी शराब ब्रांडों की खाली बोतलों में भरकर पैक किया जाता था। शराब को असली दिखाने के लिए नकली होलोग्राम, सील और लेबल लगाए जाते थे, जिससे उपभोक्ताओं को धोखा देकर बाजार में खपाया जा सके।पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क काफी समय से सक्रिय था और जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नकली शराब की सप्लाई कर रहा था।
विशेष अभियान के दौरान हुई बड़ी कार्रवाई
यह कार्रवाई एसएसपी शशिमोहन सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर ग्राम धनागर में दबिश देकर पूरे नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग जुटाए।छापेमारी के दौरान लाखों रुपये मूल्य की अवैध शराब, नकली होलोग्राम, पैकेजिंग सामग्री और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। जब्त सामग्री से यह संकेत मिले हैं कि नकली शराब को व्यवस्थित तरीके से तैयार कर बाजार में उतारा जा रहा था।
उपभोक्ताओं की सेहत से हो रहा था खिलवाड़
जांच एजेंसियों के अनुसार यह कारोबार केवल अवैध कमाई तक सीमित नहीं था, बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका था। बिना गुणवत्ता जांच और मानकों के तैयार की गई शराब को ब्रांडेड उत्पाद बताकर बेचा जा रहा था, जिससे उपभोक्ताओं की जान जोखिम में पड़ सकती थी।विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की मिलावटी और नकली शराब गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।
सरकारी राजस्व को भी पहुंच रहा था बड़ा नुकसान
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अवैध शराब की बिक्री के कारण शासन को आबकारी राजस्व का भारी नुकसान हो रहा था। नकली ब्रांडिंग और अवैध वितरण के जरिए टैक्स और लाइसेंस प्रक्रिया से बचते हुए कारोबार संचालित किया जा रहा था।इस वजह से सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचने के साथ-साथ वैध कारोबार करने वाले लाइसेंसधारकों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।
नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस अब इस पूरे रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। बरामद सामग्री और गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और अवैध शराब कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
रायगढ़ पुलिस का सख्त संदेश
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब, नकली ब्रांडिंग और तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। संगठित अपराध के इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई की जाएगी ताकि लोगों की सुरक्षा और सरकारी राजस्व दोनों की रक्षा की जा सके।










