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IAS Transfer Analysis : ढाई साल का मिशन मोड आन, CM साय ने बनाई रिजल्ट ओरिएंटेड टीम

रायपुर। सूबे में आईएएस अफसरों की बहुप्रतीक्षित तबादला सूची आज जारी कर दी गई। इस सूची में 42 आईएएस अफसरों के तबादले हुए, जिनमें एसीएस स्तर से लेकर कलेक्टर तक शामिल रहे। कहा जा रहा है कि इस तबादले के जरिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपनी नई प्रशासनिक टीम तैयार कर ली है, जो आगामी चुनाव तक तैनात रहेगी।

सरकार के ढाई साल पूरे हो गए हैं। बचे हुए ढाई साल में सरकार को जमीन पर नतीजे लाने हैं। जाहिर है, सरकार अब किसी तरह की कोताही के मूड में नहीं है। सरकार की योजनाओं को जमीन पर अमल में लाना प्रशासनिक महकमे के हिस्से हैं, लिहाजा नतीजे देने वाले अफसरों को महत्वपूर्ण पदों पर तैनात किया गया है। इस सूची में सात कलेक्टरों को हटाकर नए चेहरों की तैनाती की गई है। कहा जा रहा है कि बलरामपुर कलेक्टर को मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद हटाया गया है। सुशासन तिहार के तहत पिछले दिनों बलरामपुर में समीक्षा बैठक के दौरान जनहित से जुड़ी योजनाओं की जमीनी गति पर मुख्यमंत्री खासे नाराज हुए थे।

तबादला सूची में एसीएस ऋचा शर्मा को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी पहचान तेज तर्रार छवि वाली है। उन्हें नतीजे देने वाली अफसर के रूप में पहचाना जाता है। कहा जा रहा है कि सरकार चुनाव के पहले अपनी योजनाओं की बदौलत ग्रामीण इलाकों में ठोस नतीजे की उम्मीद कर रही है। ऋचा शर्मा इससे पहले वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग संभाल रही थी। अब उनकी जगह यह जिम्मेदारी एसीएस मनोज पिंगुआ को दी गई है। यह दोनों विभाग सीनियर अफसरों को दिया जाता रहा है। तबादला सूची में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह ऊर्जा विभाग के प्रशासनिक प्रमुख बनाए गए हैं। साथ ही उन्हें बिजली कंपनी का अध्यक्ष भी बनाया गया है। पहले यह जिम्मेदारी बंटी हुई थी। हालांकि उनके सहयोग के लिए सचिव के रूप में सारांश मित्तर की तैनाती की गई है।

गृह एवं जेल विभाग में पहली बार महिला अधिकारी की तैनाती हुई है। निहारिका बारीक को इस अहम विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह वित्त विभाग अब डॉ. रोहित यादव संभालेंगे। इससे पहले तक यह जिम्मा मुकेश बंसल देख रहे थे। उन्हें पीडब्ल्यूडी और छत्तीसगढ़ रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की जिम्मेदारी दी गई है। हाल ही में एक समीक्षा बैठक में पीडब्ल्यूडी के कामों में हो रही देरी पर मुख्यमंत्री नाराजगी जता चुके थे। राज्य में सड़कों की बदहाल हालत पर सरकार निशाने पर रही है, लिहाजा अब मुकेश बंसल जैसे तेजतर्रार अफसर की तैनाती से सरकार उम्मीद कर रही है कि चुनाव मोर्चे पर जाने से पहले तक स्थिति बेहतर हो जाए। मुकेश बंसल के कंधों पर मुख्यमंत्री के सचिव का दायित्व बरकरार है।

बसवराजू का मुख्यमंत्री सचिवालय से बाहर होना?
सबसे ज्यादा चर्चा बसवराजू एस के मुख्यमंत्री सचिवालय से बाहर होने को लेकर रही। उन्हें अब कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोजगार विभाग का प्रभार सौंपा गया है। सूत्रों के मुताबिक यह विभाग मुख्यमंत्री की विशेष रुचि का है और चर्चा यह भी है कि राज्य के युवाओं के कौशल विकास को लेकर सरकार आगे चलकर अपने बजट में खास प्रावधान भी कर सकती है। मुख्यमंत्री सचिवालय में उनकी जगह संयुक्त सचिव के रूप में प्रभात मलिक को एंट्री दी गई है।

सरकार का फोकस: नगरीय निकाय, ग्रामीण विकास और पीडब्ल्यूडी
साय सरकार के मौजूदा कार्यकाल में ढाई साल का समय शेष है और सरकार निकाय, ग्रामीण विकास और पीडब्ल्यूडी जैसे विभागों पर खास जोर दे रही है। इन विभागों में होने वाले बेहतर कामकाज ही सरकार की छवि बनाते और बिगाड़ते हैं। सरकार इन बातों को बखूबी समझ रही है। कहा जा रहा है कि इसलिए ही इन विभागों में आक्रामक प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को तैनात किया गया है।

कलेक्टरों को सख्त संदेश
तबादला सूची में कुल 7 जिलों के कलेक्टरों को बदला गया है। इनमें से रेना जमील को सूरजपुर और विश्वदीप को बीजापुर कलेक्टर बनाया गया है, जबकि 5 प्रमोटी आईएएस अफसरों में चंदन त्रिपाठी को बलरामपुर, पुष्पा साहू को कोरिया, संतोष देवांगन को गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, संतन देवी जांगड़े को मनेंद्रगढ़-चिरमिरी और पद्मिनी भोई को सारंगढ़-बिलाईगढ़ की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार ने साफ संदेश दिया है कि लोक कल्याणकारी योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सुशासन तिहार की अभी शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री इस दौरान पूरे राज्य का दौरा करेंगे। औचक निरीक्षण होगा और समीक्षा बैठकों के जरिए स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत से रूबरू भी होंगे, लिहाजा यह संकेत है कि अगर जिन जिलों में कलेक्टरों का परफॉर्मेंस उम्दा नहीं पाया गया, तो आने वाले दिनों में उन जिलों के कलेक्टर बदल दिए जाएंगे। वरिष्ठ अफसरों का कहना है कि सरकार ने अपने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर बेहतर कामकाज सुनिश्चित करने की दिशा में कदम आगे बढ़ा दिया है।