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चैतन्य बघेल अगर जमानत मिलने पर दोष मुक्त, तो लखमा जमानत नहीं मिलने से क्या दोषी मान लिए जायें? भाजपा ने पूछा सवाल, कहा, जमानत मिलना, दोषमुक्त नहीं

रायपुर 3 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर शराब घोटाले को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र चैतन्य बघेल को जमानत मिलने के बाद कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा “सत्यमेव जयते” लिखे पोस्टर उनके फोटो के साथ लगाए जा रहे हैं, जो न केवल अनुचित है बल्कि कानून की प्रक्रिया को भी गलत ढंग से प्रस्तुत करता है।

भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केवल जमानत मिल जाना किसी भी व्यक्ति को दोषमुक्त नहीं करता। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि चैतन्य बघेल को जमानत मिलने के आधार पर निर्दोष माना जा रहा है, तो फिर पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को जमानत न मिलने पर क्या कांग्रेस उन्हें दोषी मान चुकी है? क्या कांग्रेस यह स्वीकार कर रही है कि शराब घोटाले के कथित सरगना कवासी लखमा ही थे?

कांग्रेस पर दोहरे मापदंड का आरोप

अमित चिमनानी ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी का रवैया साफ तौर पर दोहरा है। एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे के लिए जमानत को “सत्य की जीत” बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर एक आदिवासी नेता कवासी लखमा के मामले में वही संवेदनशीलता और समर्थन नजर नहीं आता। उन्होंने कहा कि यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या कांग्रेस ने एक आदिवासी नेता को केवल मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया और अब मुश्किल समय में उसे अकेला छोड़ दिया है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह यह मानती है कि कवासी लखमा ही शराब घोटाले के मुख्य आरोपी थे। यदि ऐसा नहीं है, तो फिर चैतन्य बघेल और कवासी लखमा के मामलों में अलग-अलग राजनीतिक व्यवहार क्यों अपनाया जा रहा है।