बीजापुर। बीजापुर जिले का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) चेरपाल राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के तहत हुए बाह्य मूल्यांकन में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहचान बनकर उभरा है। इस उपलब्धि के साथ स्वास्थ्य केंद्र ने जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।
03 और 04 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (NHSRC), नई दिल्ली की विशेषज्ञ टीम ने स्वास्थ्य केंद्र का दो दिवसीय विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान सामान्य प्रशासन, ओपीडी, आईपीडी, प्रयोगशाला, लेबर रूम, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन, संक्रमण नियंत्रण, दवा प्रबंधन, स्वच्छता, मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं और अभिलेखों की गहन जांच की गई।

मूल्यांकन प्रक्रिया को सफल बनाने में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के मार्गदर्शन और खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) के नेतृत्व में पूरी स्वास्थ्य टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों, चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO), ग्रामीण स्वास्थ्य अधिकारियों, मितानिनों और अन्य कर्मचारियों ने समन्वय के साथ सभी आवश्यक जानकारी और अभिलेख मूल्यांकन दल के समक्ष प्रस्तुत किए।

स्वास्थ्य विभाग ने मूल्यांकन दल के सुझावों को भी गंभीरता से लिया है। अधिकारियों का कहना है कि सुझाए गए सुधारों को लागू कर स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को और अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
PHC चेरपाल की इस उपलब्धि का सीधा लाभ क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को मिलेगा। बेहतर व्यवस्थाओं, प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों और गुणवत्ता आधारित उपचार व्यवस्था से मरीजों को अधिक प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, PHC चेरपाल की सफलता समर्पित टीमवर्क, प्रभावी प्रबंधन और निरंतर गुणवत्ता सुधार का परिणाम है। यह उपलब्धि बीजापुर जिले में गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।











