भिलाई। छत्तीसगढ़ की विलुप्त होती संस्कृति में छत्तीसगढ़ की पारस्परिक साड़ी अण्डी लुगरा को पुन: स्थापित करने के लिए रूपाली महतारी गुड़ी बहुउद्देशीय संस्था की अध्यक्ष सेक्टर-2 भिलाई निवासी शान्ता शर्मा ने अनोखा प्रयास किया। इस प्रयास ने उन्हें वर्ल्ड रिकॉर्डधारी बना दिया। वे अब तक 16000 महिलाओं व युवतियों को यह साड़ी भेंट कर चुकी हैं। उनके यह कार्य गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हो गया है।
एशिया प्रमुख ने दिए प्रमाण-पत्र
रविवार को एक कार्यक्रम में गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के एशिया प्रमुख मनीष विश्वनोई ने उन्हें वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र सौंपा। इस अवसर पर शहर के अनेक गणमान्य लोगों उपस्थित रहे। शांता शर्मा ने 2019 से छत्तीसगढ़ में श्रेष्ठ सेवा देने वाली महिलाओं का समान अण्डी लुगरा (साड़ी) भेंटकर करना शुरू किया। उन्होंने छात्राओं को अपने छत्तीसगढ़ की परपरिक तीज त्योहार में साड़ी को चलन में लाने के लिए साड़ी भेंट किया।
16 हजारवां साड़ी लताऋषि को
शांता शर्मा ने बताया कि पहली साड़ी संगीता शर्मा को भेंट की तो 16000 वीं साड़ी भिलाई की लताऋषि चंद्राकर को भेंट की। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने पर उन्होंने कहा समान पाकर बहुत खुशी हो रही है। असल में यह छत्तीसगढ़ की परंपरा का समान है। जिस छत्तीसगढ़ की संस्कृति को पुन:स्थापित करना चाहते हैं यह उसका समान है।
उन्होंने पहली बार अण्डी लुगरा भेंटकर संगीता शर्मा का समान किया। उसके बाद यह सिलसिला जारी रहा। वे छत्तीसगढ़ ही नहीं, अपितु देश विदेश की कई प्रसिद्ध समाजसेवी महिलाओं का समान अण्डी साड़ी भेंटकर कर चुकी हैं। नवरात्रि में नवकन्या भोज भी पारपरिक साड़ी पहना कर करवाती रही हैं। स्कूलों में भी जाकर साड़ी भेंट करती रहीं।









