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Ruckus in JNU Stone Pelting : JNU में ‘द साबरमती रिपोर्ट’ की स्क्रीनिंग के दौरान पथराव.. छात्रों को आईं चोटें, ABVP ने लेफ्ट गुट पर लगाया आरोप

नई दिल्ली। Ruckus in JNU Stone Pelting : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने गुरुवार को दावा किया कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में ‘साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान बाहर से पथराव किया गया जिसमें कुछ छात्र घायल हो गए। जेएनयू के एवीबीपी विंग के अध्यक्ष राजेश्वर कांत दुबे ने कहा, ‘‘कुछ विद्यार्थियों को मामूली चोटें आई हैं। कुछ देर के लिए स्क्रीनिंग रोक दी गई थी, लेकिन कुछ देर बाद इसे फिर से शुरू कर दिया गया।

दुबे ने बताया कि गुरुवार शाम को सैकड़ों विद्यार्थी फिल्म देख रहे थे तभी कुछ लोगों ने उन पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। विश्वविद्यालय प्रशासन या छात्र संघ की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। एबीवीपी ने दावा किया कि पथराव में वामपंथी संगठनों के कुछ छात्र शामिल थे। दुबे ने कहा, ‘‘हमने विश्वविद्यालय प्रशासन को औपचारिक शिकायत सौंप दी है और दिल्ली पुलिस को भी शिकायत देंगे।’’

एक बयान में एबीवीपी ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे ‘‘भारत विरोधी’’ और ‘‘हिंदू विरोधी’’ करार दिया। बयान में कहा गया, ‘‘साबरमती रिपोर्ट की स्क्रीनिंग सच्चाई को सामने लाने और ऐसे विषयों पर चर्चा को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम था। हालांकि, यह घटना हमारे परिसर में कुछ भारत-विरोधी, हिंदू-विरोधी ताकतों की असहिष्णुता और असुरक्षा को दर्शाती है, जो धर्म, धार्मिकता और सत्य के सामने आने से डरते हैं।’’

FAQ Section:

1. जेएनयू में पथराव की घटना कब हुई?
जेएनयू में पथराव की घटना गुरुवार शाम को हुई, जब ‘साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म की स्क्रीनिंग हो रही थी।

2. इस घटना में कितने छात्र घायल हुए हैं?
एबीवीपी के अध्यक्ष राजेश्वर कांत दुबे के मुताबिक, कुछ छात्रों को मामूली चोटें आई हैं।

3. पथराव की घटना के बारे में एबीवीपी का क्या कहना है?
एबीवीपी ने दावा किया है कि पथराव में वामपंथी संगठनों के कुछ छात्र शामिल थे और इस घटना की निंदा की। एबीवीपी ने इसे “भारत विरोधी” और “हिंदू विरोधी” करार दिया।

4. फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान क्या हुआ था?
स्क्रीनिंग के दौरान कुछ लोगों ने पत्थर फेंके, जिससे कुछ देर के लिए कार्यक्रम रोकना पड़ा, लेकिन फिर इसे फिर से शुरू कर दिया गया।

5. विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र संघ ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
दुबे के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र संघ की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। एबीवीपी ने इस घटना की शिकायत विश्वविद्यालय प्रशासन और दिल्ली पुलिस से की है।