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शराब दुकान के सेल्समैन के घर मिला संदिग्ध जखीरा…ग्रामीणों की सतर्कता से खुला बड़ा खेल, नकली शराब के शक पर 3 गिरफ्तार

बलौदा बाजार:  शराब कारोबार से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय लोगों के साथ-साथ प्रशासन को भी चौंका दिया है। ग्रामीणों की सतर्कता से हुए खुलासे के बाद आबकारी विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शराब दुकान के एक सेल्समैन और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले के सामने आने के बाद अब शराब दुकानों की निगरानी और व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठने लगे हैं।

झोले में शराब ले जाते मिले युवक, यहीं से शुरू हुआ खुलासा

मंगलवार देर रात ग्राम संडी में कुछ ग्रामीणों की नजर दो युवकों पर पड़ी, जो झोले में शराब लेकर जा रहे थे। संदेह होने पर ग्रामीणों ने उन्हें रोककर पूछताछ की। पूछताछ में युवकों ने बताया कि वे शराब दुकान के सेल्समैन सूरज टंडन के घर से शराब लेकर आए हैं और उसे दुकान तक पहुंचाने जा रहे थे।यहीं से पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया।

सेल्समैन के घर पहुंची भीड़, देखकर रह गए दंग

युवकों की बात सुनने के बाद ग्रामीण सीधे संबंधित सेल्समैन के घर पहुंच गए। वहां का दृश्य देखकर हर कोई हैरान रह गया। घर के आसपास बड़ी संख्या में खाली शराब की बोतलें, विभिन्न ब्रांडों के स्टीकर, ढक्कन और अन्य संदिग्ध सामग्री बिखरी हुई मिली।मौके पर मौजूद लोगों को आशंका हुई कि यहां लंबे समय से शराब से जुड़ा कोई अवैध काम संचालित किया जा रहा था।

ग्रामीणों की सूचना पर देर रात हुई छापेमारी

मामले की जानकारी मिलते ही आबकारी विभाग की टीम मौके पर पहुंची और देर रात छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान भारी मात्रा में संदिग्ध सामग्री, खाली बोतलें और शराब तैयार करने में उपयोग होने वाले उपकरण बरामद किए गए।कार्रवाई के बाद सेल्समैन सूरज टंडन और उसके दो सहयोगियों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया।

जांच के घेरे में पूरा नेटवर्क

प्राथमिक जांच के बाद अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बरामद सामग्री का उपयोग किस उद्देश्य से किया जा रहा था। अधिकारियों के सामने यह भी चुनौती है कि यह मामला केवल कुछ लोगों तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।

ग्रामीणों ने उठाए कई अहम सवाल

घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच कई सवाल चर्चा का विषय बने हुए हैं। यदि ग्रामीण समय रहते सक्रिय नहीं होते तो यह गतिविधि कब तक चलती रहती? शराब दुकान से जुड़े कर्मचारियों की निगरानी कैसे हो रही थी? और आखिर इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री घर तक कैसे पहुंची?

जांच रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल आबकारी विभाग मामले की गहराई से जांच कर रहा है। जब्त की गई सामग्री की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पूरा मामला किस स्तर का था और इसमें कितने लोग शामिल थे। ग्रामीणों की सतर्कता से सामने आया यह मामला जिले में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।