नई दिल्ली। ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने वाले लोगों को अब पहले से ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। भारत की प्रमुख फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस में तीसरी बार वृद्धि की है और अब यह प्रति ऑर्डर 15 रुपए तक पहुंच गई है। इसके जीएसटी शामिल है। इससे पहले स्वतंत्रता दिवस पर फीस 14 रुपए तक पहुंची थी, लेकिन कुछ समय बाद इसे घटाकर 12 रुपए किया गया था। दैनिक 20 लाख से अधिक ऑर्डर के आधार पर इस बढ़ी हुई फीस के साथ कंपनी को रोजाना लगभग 3 करोड़ रुपए की आय होती है।
यह कदम त्योहारी सीजन में बढ़ती मांग और कारोबार को मजबूती देने के उद्देश्य से उठाया गया है। उधर, स्विगी के मुख्य प्रतिस्पर्धी जोमैटो ने भी त्योहारी सीजन पर प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाकर 12 रुपए कर दी है। जोमैटो के रोजाना औसतन 23 से 25 लाख ऑर्डर आते हैं।
क्या है प्लेटफॉर्म शुल्क : प्लेटफॉर्म फीस एक तरह का अतिरिक्त चार्ज है, जिसे स्विगी और जोमैटो देनों हर ऑर्डर पर वसूलते हैं। यह डिलीवरी चार्ज, जीएसडी और रेस्टोरेंट फीस के ऊपर अलग से लागू होता है। खास बात यह है कि यह फीस हर शहर और दिन में एक जैसी नहीं रहती, बल्कि मांग के हिसाब से बदलती रहती है।
ऐसे करते हैं चार्ज
ये कंपनियां दूरी, समय, उपलब्धता, मांग, मौसम और ऑफर को ध्यान में रखकर डायनेमिक प्राइसिंग एल्गोरिद्म तैयार करती हैं। उसी के अनुरूप शुल्क तय होता है। मान लीजिए आपने 5 किमी दूर से ऑर्डर किया तो-
बेस चार्ज =30 रुपए (दो किलोमीटर तक)
3 अतिरिक्त किमीX8 रुपए प्रति किमी=24 रुपए
पीक आवर्स सर्ज= 15 रुपए
कुल डिलीवरी शुल्क=69 रुपए









