धमतरी : गांव में चल रही शादी की तैयारियों के बीच प्रशासन ने समय रहते बड़ी कार्रवाई करते हुए बाल विवाह को रोक दिया। मामला उस समय सामने आया जब शादी के कार्ड बांटे जा चुके थे और 23 जून को बारात जाने की तैयारी थी।
19 साल के दूल्हे की उम्र ने रोकी शादी, नियमों का हुआ खुलासा
जानकारी के अनुसार दूल्हे की उम्र 19 साल पांच माह पाई गई, जबकि विवाह के लिए न्यूनतम उम्र 21 साल निर्धारित है। वहीं दुल्हन बालिग थी। इसी आधार पर प्रशासन ने शादी को आगे बढ़ने से रोक दिया।
बाल संरक्षण टीम की त्वरित कार्रवाई, पुलिस सुरक्षा के बीच पहुंचा मामला
जिला बाल संरक्षण अधिकारी आनंद पाठक के अनुसार मगरलोड ब्लॉक के एक गांव में कमार परिवार में बाल विवाह की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही 16 जून को टीम पुलिस के साथ गांव पहुंची और मौके पर स्थिति को संभाला।
दस्तावेजों से हुई उम्र की पुष्टि, परिवार को दी गई समझाइश
टीम ने दोनों पक्षों को बुलाकर आधार कार्ड और अंकसूची के आधार पर उम्र की जांच की। पुष्टि के बाद दूल्हे की उम्र नाबालिग से अधिक लेकिन विवाह योग्य नहीं पाई गई। इसके बाद दोनों परिवारों को बैठाकर कानून की जानकारी दी गई और समझाइश दी गई।
पहले अड़े थे परिवार, कानून समझते ही माने
शुरुआत में दोनों परिवार शादी करने की जिद पर अड़े हुए थे, लेकिन जब उन्हें बाल विवाह निषेध कानून की विस्तृत जानकारी दी गई तो वे अंततः सहमत हो गए और शादी रोकने पर राजी हुए।
समय रहते टली बड़ी घटना, प्रशासन की सतर्कता से बचा कानून उल्लंघन
प्रशासन की तत्परता के चलते एक संभावित बाल विवाह समय रहते रुक गया। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ कि शिकायत मिलने पर त्वरित कदम उठाकर ऐसे मामलों को रोका जा सकता है।











