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New Delhi Chief Minister: दिल्ली की नई CM होंगी स्मृति ईरानी?.. 14 बीजेपी शासित राज्यों में नहीं है कोई महिला मुख्यमंत्री, पढ़ें संभावनाएं..

Will Smriti Irani be the new CM of Delhi?: नई दिल्ली: दिल्ली के नए मुख्यमंत्री को लेकर तस्वीर अब तक साफ नहीं हो सकी है। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने आम आदमी पार्टी के 10 सालों की सरकार को सत्ता से बाहर करते हुए 48 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है। वहीं 22 सीटों पर अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाले आम आदमी पार्टी के विधायक चुने गए हैं। भाजपा ने 27 सालों बाद दिल्ली की सत्ता में वापसी की है। शीला दीक्षित के बाद आम आदमी पार्टी के पास दिल्ली की कमान थी। हालांकि, दिल्ली के नतीजों को जारी हुए 9 दिन बीत चुके हैं, लेकिन राजधानी की कमान किसके हाथों में होगी यह तय नहीं हो सका है। कहा जा रहा है कि अपने पिछले चौंकाने वाले फैसलों की तरह दिल्ली में भी पार्टी ‘सरप्राइज’ दे सकती है, यानी किसी नए चेहरे को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। संभावना यह भी जताई जा रही है कि दिल्ली में इस बार किसी महिला नेता को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। तो आइए जानते हैं कि इसके पीछे की वजह क्या हो सकती है और किस महिला के माथे सज सकता है सीएम का ताज?

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कौन होगा दिल्ली का नया मुख्यमंत्री?

स्मृति ईरानी के नाम पर चर्चा

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी के सबसे खास महिला नेत्रियों में से एक मानी जाने वाली स्मृति ईरानी के नाम पर चर्चा हो रही है। हालांकि यह चर्चा फिलहाल सोशल मीडिया और मीडिया तक ही सीमित है। बीजेपी की तरफ से इसकी कोई पुष्टि नहीं की गई है। पर सवाल यह है कि अगर स्मृति ईरानी को दिल्ली की कमान सौंपी गई तो इसके पीछे वजहें क्या होंगी?

Will Smriti Irani be the new CM of Delhi?: दरअसल, इस वक्त भाजपा 15 राज्यों में काबिज है। जबकि एनडीए के तौर पर भाजपा देश के 21 राज्यों में सत्ता में है। भाजपा ने ज्यादातर राज्यों में दिग्गज नेताओं को साइड लगते हुए नए चेहरों को मुख्यमंत्री बनाया है। पिछले साल भाजपा ने छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में शानदार सफलता हासिल की थी। बीजेपी आलाकमान ने इन तीनों ही राज्यों में लो प्रोफाइल नेताओं को मुख्यमंत्री की कमान सौंपकर सभी को हैरान कर दिया। छत्तीसगढ़ में जहां पूर्व सांसद विष्णु देव साय को सीएम बनाया गया, तो इसी तर्ज पर मध्यप्रदेश में डॉ मोहन यादव और राजस्थान में भजनलाल को कुर्सी सौंपी गई। इसी तरह का फैसला ओडिशा में भी देखने को मिला, जहां मोहन माझी को मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दी गई। इन सभी फैसलों में एक बात समान थी, वह यह कि किसी भी राज्य में महिला नेत्री को सीएम की कमान नहीं दी गई। लिहाजा, इस बात की पूरी संभावना है कि बड़े राज्यों से इतर कम से कम दिल्ली जैसे छोटे राज्य में किसी महिला नेत्री को मोदी-शाह आगे कर सकते हैं।

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फायरब्रांड नेता, राहुल को हराया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्मृति ईरानी को अपने कैबिनेट में खास जगह दी थी। 2019 में मिली जीत के बाद पीएम ने उन्हें कपड़ा मंत्रालय सौंपा था। इसके बाद उन्हें एचआरडी मिनिस्ट्री की कमान दी गई थी। बाद में हुए फेरबदल में उन्हें फिर से टेक्सटाइल्स मिनिस्टर बना दिया गया था। स्मृति ईरानी 2019 में तब चर्चा में आई थीं जब उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेता और मौजूदा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को उनकी परंपरागत सीट अमेठी से मात दी थी। स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को 2 लाख 44 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। हालांकि, पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में उन्हें किशोर लाल शर्मा के सामने हार का सामना करना पड़ा और कांग्रेस अमेठी सीट पर वापसी में कामयाब रही। इससे पहले, साल 2004 में ही दिल्ली की चांदनी चौक सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि, वह कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल से चुनाव हार गई थीं। इसके बाद साल 2010 में स्मृति बीजेपी की राष्ट्रीय सचिव और महिला विंग की अध्यक्ष बनीं थीं। स्मृति ईरानी को लेकर यह दावा भी किया जाता रहा है कि उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बनाया जा सकता है।

आम आदमी पार्टी का विरोध

Will Smriti Irani be the new CM of Delhi?: दिल्ली में सत्ता में लौटी भाजपा के लिए आम आदमी पार्टी की चुनौती बरकरार रहेगी। विपक्ष में होने के बावजूद इस बात की पूरी आशंका है कि आम आदमी पार्टी भाजपा सरकार के खिलाफ मुखर रहेगी। दोनों पार्टी के बीच सत्ता परिवर्तन के बाद भी खींचतान जारी रहेगी। ऐसे में आम आदमी पार्टी की चुनौती का सामना करने के लिए किसी तेजतर्रार महिला नेता को दिल्ली में सीएम की जिम्मेदारी दी जा सकती है।

कौन हैं स्मृति ईरानी?

जानकारी के मुताबिक, स्मृति ईरानी का जन्म 23 मार्च 1976 को मल्होत्रा परिवार में हुआ है। स्मृति ईरानी के पिता पंजाबी और मां असमिया हैं। पूर्व सांसद का पूरा नाम स्मृति जुबिन ईरानी है। स्मृति ईरानी राजनीति में आने से पहले होटल से लेकर टीवी में काम कर चुकी हैं। स्मृति ईरानी की शुरुआती पढ़ाई के बाद कार्सपोंडेंस से बीकॉम में एडमिशन लिया, हालांकि पढ़ाई पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद ही वह होटल में वेट्रेस का काम करती थीं।

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