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रायपुर में 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर का आगाज, सीएम साय बोले- उद्योगों के लिए सरकार बनेगी फेसिलिटेटर

रायपुर: राजधानी रायपुर में 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 का आयोजन 18 से 20 सितंबर तक किया जा रहा है। साइंस कॉलेज के ओपन ग्राउंड में आयोजित इस तीन दिवसीय औद्योगिक मेले में देशभर से उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधि, MSME उद्यमी, स्टार्टअप और निवेशक हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी कार्यक्रम में शामिल हुए और उद्योगों के विस्तार के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर जोर दिया।

लघु और सूक्ष्म उद्योगों को मंच देने की पहल

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश के सूक्ष्म और लघु उद्योगों को एक साझा मंच देने में लघु उद्योग भारती की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके मुताबिक, संगठन से देश के 750 से अधिक जिलों के लघु उद्योग जुड़े हैं। छत्तीसगढ़ में भी 25 जिलों के 1200 से ज्यादा सूक्ष्म और लघु उद्योग इससे जुड़े हुए हैं।उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास और छोटे उद्यमों को आगे बढ़ाने में लघु उद्योग भारती का योगदान महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजन उद्यमियों को एक-दूसरे से जुड़ने, अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और नए कारोबारी अवसर तलाशने का मौका देते हैं।

तीन दिन तक उद्योग, निवेश और रोजगार पर फोकस

18 से 20 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन में देशभर से 300 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है। यहां आने वाले निवेशक और उद्योग से जुड़े विशेषज्ञ युवाओं को उद्योग शुरू करने, कारोबार बढ़ाने और इस क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी देंगे।मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले करीब डेढ़ साल में छत्तीसगढ़ में साढ़े आठ लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव आए हैं और इनमें से कई परियोजनाओं पर काम भी शुरू हो चुका है।

साढ़े 11 हजार करोड़ के सेमीकंडक्टर प्लांट का भी जिक्र

सीएम साय ने बताया कि राज्य में करीब 11,500 करोड़ रुपये के निवेश से सेमीकंडक्टर प्लांट की स्थापना का काम शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश उद्योगों के लिए केवल रेगुलेटर की भूमिका निभाने की नहीं, बल्कि उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले फेसिलिटेटर के तौर पर काम करने की है।उन्होंने नई उद्योग नीति में सिंगल विंडो सिस्टम का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इसके जरिए उद्योग लगाने वाले लोगों को अलग-अलग सरकारी कार्यालयों में जाकर आवेदन और दस्तावेज जमा करने की जरूरत कम होगी। एक ही आवेदन के माध्यम से आवश्यक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने की व्यवस्था की गई है।

MSME और स्टार्टअप को एक मंच पर लाने की कोशिश

14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 का प्रमुख फोकस स्थानीय युवाओं को उद्योग और उद्यमिता से जोड़ना है। आयोजन में MSME सेक्टर, स्टार्टअप, निवेश और रोजगार से जुड़े अवसरों को एक साझा मंच पर लाने की कोशिश की जा रही है।तीन दिनों के इस मेले में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और निवेशकों के बीच संवाद, उत्पाद प्रदर्शन और कारोबारी संभावनाओं पर चर्चा के जरिए राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।