Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी भगवान गणेश की आराधना और भक्ति का पर्व है। इस दौरान भक्त विधि-विधान से गणपति की पूजा करते हैं और उन्हें अपनी श्रद्धा के अनुसार विभिन्न सात्विक व्यंजनों का भोग अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं में कुछ पकवानों को गणपति के प्रिय भोग के रूप में विशेष स्थान दिया गया है। अगर आप भी गणेश उत्सव के दौरान घर पर बप्पा के लिए भोग की थाली तैयार कर रहे हैं, तो इन पारंपरिक चीजों को शामिल कर सकते हैं।
मोदक से करें भोग की शुरुआत
गणपति के भोग में मोदक का विशेष महत्व माना जाता है। चावल के आटे, गुड़ और नारियल से तैयार किए गए पारंपरिक मोदक बनाए जा सकते हैं। इसके अलावा मावे से बने मोदक भी भोग की थाली में शामिल किए जा सकते हैं।
बेसन या बूंदी के लड्डू
गणेश पूजा में लड्डू भी भोग के लिए लोकप्रिय विकल्प हैं। घर पर बेसन के लड्डू या बूंदी के लड्डू तैयार कर बप्पा को अर्पित किए जा सकते हैं। इन्हें देसी घी और शुद्ध सामग्री से तैयार करना सात्विक भोग के लिहाज से उपयुक्त माना जाता है।
शीरा या सूजी का हलवा
सूजी, घी और मेवों से बनाया गया शीरा यानी रवा हलवा भी भोग में रखा जा सकता है। इसे कम समय में आसानी से तैयार किया जा सकता है और प्रसाद के रूप में परिवार के सदस्यों को भी बांटा जा सकता है।
मावा पेड़ा भी कर सकते हैं शामिल
अगर आप भोग की थाली में एक और मिठाई रखना चाहते हैं तो मावे से बने पेड़े अच्छा विकल्प हो सकते हैं। इनमें केसर और इलायची मिलाकर स्वाद और खुशबू बढ़ाई जा सकती है। घर पर तैयार किए गए ताजे पेड़े भोग के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
महाराष्ट्र की पारंपरिक पूरण पोली
गणेश उत्सव के दौरान महाराष्ट्र में पूरण पोली बनाने की भी परंपरा है। चने की दाल, गुड़ और आटे से तैयार यह मीठा पकवान भोग की थाली में रखा जा सकता है। घी के साथ परोसी जाने वाली पूरण पोली त्योहार के पारंपरिक स्वाद को भी जोड़ती है।
भोग के साथ दूर्वा अर्पित करना न भूलें
गणेश पूजा में दूर्वा यानी दूब को विशेष महत्व दिया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार पूजा के दौरान गणपति को दूर्वा अर्पित की जाती है। वहीं कुछ धार्मिक परंपराओं में गणेश जी को तुलसी अर्पित नहीं करने की मान्यता बताई गई है। पूजा की विधि और भोग से जुड़ी परंपराएं क्षेत्र और परिवार के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।











