नारायणपुर. छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में रमजान के पाक महीने में इंसानियत, भाईचारे और सामाजिक समरसता की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है. सरकारी योजनाओं से वंचित एक दिव्यांग परिवार को समाज ने मिलकर न सिर्फ छत दी, बल्कि उम्मीद और सम्मान से भरी नई जिंदगी भी सौंपी.
दस्तावेजों के अभाव में नहीं मिल सका पीएम आवास का लाभ
जानकारी के मुताबिक, आर्थिक रूप से कमजोर और दिव्यांग आबिद भाई अपनी बेवा माता फातिमा बेगम के साथ लंबे समय से जर्जर कच्चे मकान में जीवन यापन कर रहे थे. कई बार जिला प्रशासन और कलेक्टर जनदर्शन में मदद की गुहार लगाने के बावजूद भूमि दस्तावेजों के अभाव में उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका.
बताया जाता है कि तत्कालीन कलेक्टर विपिन मांझी ने स्वयं उनके घर का निरीक्षण कर सहायता का आश्वासन दिया था, लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया, जिससे परिवार की परेशानी जस की तस बनी रही. ऐसे में अंजुमन इस्लामिया कमेटी, नारायणपुर और बस्तर संभाग के मुस्लिम समाज ने पहल करते हुए मानवीय संवेदनाओं का परिचय दिया. समाज के लोगों ने आपसी सहयोग से धनराशि एकत्रित की और आबिद भाई के लिए पक्का मकान बनवाकर तैयार किया.
18 मार्च को जामा मस्जिद नारायणपुर के इमाम साहब द्वारा फातेहा के साथ नए घर का शुभारंभ किया गया. इस मौके पर बस्तर संभाग के विभिन्न जिले जैसे, जगदलपुर, कोंडागांव, केशकाल और नारायणपुर से बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे और आबिद भाई को नए घर की चाबी सौंपी गई. कार्यक्रम की खास बात यह रही कि नए मकान का उद्घाटन सनातन धर्म के जिला अध्यक्ष नारायणपुर साहू ने फीता काटकर किया. विभिन्न समाजों के लोगों की उपस्थितिसे सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया.
इस अवसर पर बस्तर संभाग मुस्लिम समाज के अध्यक्ष हाजी वसीम अहमद, केशकाल के सदर हाजी सलीम मेमन, कोंडागांव के पूर्व सदर हाजी यासीन, उपाध्यक्ष हाजी असलम मंसूरी और पूर्व पार्षद प्रमिला प्रधान सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे.
अंजुमन इस्लामिया कमेटी के सदर मोहम्मद इमरान खान ने बताया कि समाज के सहयोग से यह निर्माण कार्य संभव हो सका. उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की मदद के लिए उनकी टीम आगे भी इसी तरह समर्पित भाव से कार्य करती रहेगी.
कार्यक्रम के दौरान जिले में अमन-चैन, शांति और भाईचारे की मजबूती के लिए विशेष दुआ की गई. अंत में सभी ने ऐसे सामाजिक कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया.










