गरियाबंद। भुवनेश्वर से आई एनडीआरएफ की टीम ने देवभोग में एनसीसी कैडेट और स्कूली छात्रों को आपदा प्रबंधन और जीवन रक्षक कौशल का प्रशिक्षण दिया, जिससे वे आपातकाल में किसी व्यक्ति की मदद कर सकें।
भुवनेश्वर से पहुंची 3 बटालियन एनडीआरएफ की टीम ने देवभोग और जामगांव हाईस्कूल में फैमिलियराइजेशन एक्सरसाइज एवं सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम के तहत शिविर लगाकर एनसीसी कैडेट्स, स्थानीय वालिंटियर छात्र एवं समाज सेवकों को आपदा प्रबंधन एवं जीवन रक्षक कौशल पर प्रशिक्षण दिया।
बटालियन के सबइंस्पेक्टर वी के मीणा के नेतृत्व में टीम के मास्टर ट्रेनर राकेश पोथल, एसके साहू, पार्थ साईं ने आपदा की स्थिति में प्राथमिक उपचार, सीपीआर, गला घुटने की स्थिति में बचाव, खून बहने की स्थिति में नियंत्रण, सांप काटने पर प्राथमिक उपचार, बादल फटने के दौरान सुरक्षा उपाय के अलावा बाढ़ के दरम्यान आने वाले दिक्कत और बचाव पर बुद्धिमता और साहस का परिचय देते हुए कैसे बचाव कार्य करे, इसकी एक-एक बारीकियों को बताया।
डेमो और प्रायोगिक जरिए से कैडेट्स को बचाव की बारीकियों की जानकारी दिया। आयोजन को सफल बनाने में एनसीसी ऑफिसर गणेश सोनी, नोडल प्राचार्य सुरेश टांडीलय, संकुल समन्वयक सुरेश नारायण शुक्ला, केशरी कश्यप, कस्तूरबा अधिक्षक उष्णदेवी वैष्णव का विशेष योगदान रहा।
जिले के पांचों ब्लॉक में करेंगे आयोजन
आयोजन के उद्देश्य को बताते हुए टीम लीडर वीके मीणा ने कहा इस कार्यक्रम के जरिए समुदाय की आपदा सहनशीलता बढ़ाना,सुरक्षा के लिए प्रेरित करना, आपातकाल के स्थिति से निपटने व्यवहारिक कौशल में निपुण करना है। उन्होंने कहा कि आयोजन जिले के पांच ब्लॉक में नदी के तटीय इलाके में बसाहट वाले संभावित आपदा क्षेत्र ने परीक्षण देंगे। 25 अप्रैल तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण कार्यशाला को कोपरा, सुरसाबान्धा, मालगांव, सरकड़ा, साराग़ांव, सरकड़ा, जाडापदर, कुल्हाड़ीघाट में भी आयोजित करेंगे.











