मैड्रिड की यह घटना, आज भी अनसुलझी
मैड्रिड। यह एक ऐसा कथित भूतहा केस (alleged ghost case) था,जिसकी पुलिस ने खुद जांच की। इस केस में संदिग्ध एक भूत था। अब पुलिस के लिए यह एक चुनौती थी कि क्या उन्हें उस भूत को सामने लाना था।
स्पेन का मेड्रिड शहर फुटबॉल के लिए जाना जाता है।
इसी शहर में एक ऐसा अजीबोगरीब केस लोगों ने देखा, जो आज भी रोंगटे खड़े कर देता है। कहानी मेड्रिड के एक 18 साल की लड़की इस्टीफीनिया गुतरेज लाजारो (Estefinia Gutrez Lazaro) की है, जो स्पेन के मेड्रिड में अपने माता-पिता के साथ वालाकास में स्थित एक अपार्टमेंट में रहती थी।
इस्टीफिनाया की ज़िंदगी में 18 साल के पहले तक सब कुछ ठीक था, लेकिन कॉलेज जाने के बाद अचानक उसके बर्ताव में बदलाव आने लगा। वह अपने भाई को देखकर गुर्राने लगती थी तो कभी सांप के जैसे हिस-हिस की आवाज़ें निकालने लगती थी। दीवारों को नाख़ून से नोचने लगती थी।
उसकी इस हरकतों से घरवाले परेशान रहने लगे। मां-बाप को एक दिन पता चला कि इस्टीफिनिया तंत्र-मंत्र और काला जादू की किताबें पढ़ती है। यह सारा मामला 1990 का था।
बिगड़ती चली गई इस्टीफिनिया की हालत
अगस्त 1991 में इस्टीफिनिया की हालत और भी ज़्यादा ख़राब होती गई और तभी उसे मेड्रिड (Madrid) के एक सरकारी अस्पताल में ले गए और 3 हफ्ते तक इलाज चलने के बाद भी डॉक्टरों को कोई बीमारी दिखाई नहीं थी। एक दिन उसके मां-बाप को पता चला कि उसकी मौत हो गई। रिपोर्ट में भी केवल यही लिखा गया कि दिल की धड़कन रुकने से इस्टीफिनिया की मौत हो गई।
इस्टीफिनिया की मौत के बाद क्या हुआ?
इस्टीफिनिनाया की मौत के एक हफ्ते बाद उसके घरवालों ने एक अजीब चीज़ ग़ौर की। जब उन्होंने इस्टीफिनिया का कमरा खोला तो देखा कि चादर ज़मींन पर पड़ी है, चीज़े इधर-उधर बिखरी पड़ी हैं. उन्हें यह चीज़ थोड़ी अजीब तो लगी, मगर वापस उन्होंने सब ठीक कर दिया। 2-4 दिन बाद जब फिर से कमरे का दरवाज़ा खोला तो फिर से वही चीज़ें उन्हें देखने को मिली जो उस दिन देखा था।
इस बार तो मानों उनके होश ही उड़ गए। उन्होंने पाया कि इस्टीफिनिया के कमरे से अजीबोगरीब आवाज़ें आ रही थीं। इसके अलावा जब उन्होंने दीवार पर नाखूनों के नए निशान देखे। अब उन्हें यकीन हो गया कि ज़रूर कुछ तो ऐसा हो रहा है जो नहीं होना चाहिए। घरवालों ने इस्टीफिनिया के कमरे के दरवाज़े को नट बोल्ट लगाकर बंद कर दिया।
अगले दिन फिर से कमरे से वही आवाज़ें आने लगी और मां-मां कहकर कोई पुकार रहा था। इस बार कमरे में जो नट बोल्ट लगाए थे वो सारे के सारे निकल गए और दरवाज़ा भी अपने आप खुल गया था।
पड़ोसियों की प्रतिक्रिया
जब इस्टीफिनिया के मां-बाप ने पड़ोसियों से इस बारे में बात की तो पड़ोसियों ने भी बताया कि उन्हें भी रात में घर से आवाज़ें सुनाई देती हैं। उसके बाद जब कुछ पड़ोसियों ने हिम्मत कि और रात इस्टीफिनिया के घर पर रुके तो उन्होंने भी वही चीज़ें देखी और महसूस की।
इस्टीफिनिया की मौत को 15 दिन से ज़्यादा हो गए थे, तभी अचानक उसके कॉलेज की टीचर उसके घर पहुंची और बताया कि उसकी दोस्त के एक ब्वायफ्रैंड की बाइक एक्सीडेंट में मौत हो गई थी, जिसके बाद इस्टीफिनिया की दोस्त डिप्रेशन में चली गई। इस्टीफिनिया अपनी इस दोस्त के बड़े करीब थी। टीचर ने आगे बताया कि एक दिन जब वो स्कूल के पिछले हिस्से में गई तो उसने देखा की 4 लड़कियां, जिनमें एक इस्टीफिनिया थी और दूसरी उसकी वही दोस्त जिसके ब्वायफ्रैंड की मौत बाइक एक्सीडेंट में हो गई थी, एक बोर्ड में कुछ कर रहे थे।
बोर्ड एक ऊपर एक गिलास उल्टा कर रखा हुआ था और एक एक कर के उस गिलास पर अंगुलियां रख रही थीं। जब इस्टीफिनिया ने अपनी अंगुलियां गिलास पर रखी तो वो गिलास हवा में तैरने लगा.। इसके बाद टीचर ने उन सब लड़कियों को डांटा और उस बोर्ड को तोड़ दिया।
जब नन ने उनसे बात की तो पता चला कि इस्टीफिनिया भूत से बात करती थी और बाइक एक्सीडेंट में मृत उस लड़के से भी बात की। उसके बाद अचानक एक सफ़ेद धुए का गुबार सा आया और वो सीधे इस्टीफिनिया की नाक से होते हुए उसके शरीर में चला गया। यह बातें सुनकर इस्टीफिनिया के घरवाले और भी डर गए।
पुलिस के पांव तले खिसकी जमीन
घरवालों ने फिर से उसका कमरा खोला और पाया कि इस्टीफिनिया की तस्वीर ज़मींन पर पड़ी थी। पिता ने जब उस तस्वीर की तरफ देखा तो पाया कि इस्टीफिनिया के चेहरे पर आग लगी हुई है। उन्होंने फिर से इस्टीफिनिया के कमरे को लॉक कर दिया। अगली रात ऐसा कुछ हुआ जो पहले कभी नहीं हुआ।
उस रात इस्टीफिनिया की मां जब सो रही थी तो उसको लगा कि कोई उसके ऊपर चढ़ के बैठ गया है और उसका गला दबा रहा है। उन्होंने अपने आप को उस अदृश्य ताकत से छुड़वाने की बहुत कोशिश की और काफी देर बाद उस चीज़ को अपने शरीर से हटाया।
इसके बाद रात 3 बजे के करीब पुलिस को कॉल किया गया। इस दौरान पुलिस के चीफ जोस पेड्रो के साथ 4 और सहयोगी पुलिस अफसर मौजूद थे।
पुलिस जांच में कुछ नहीं मिला
पुलिस अफसरों को भी ठंडी हवाएं और अजीब आवाज़ें सुनाई दी। इस्टीफिनिया के कमरे में घुसते ही पाया कि तेज़ हवाएं चल रही हैं. लेकिन बाहर सब शांत था. पुलिसवालों ने इस्टीफिनिया के घरवालों को समझाया और चली गई। लेकिन पुलिस के दिमाग में यही सवाल घूमता रह गया कि आखिर माजरा क्या है?
अगले दिन फिर पुलिस उनके घर पहुंची तो पिता ने बताया कि वो अपने छोटे बेटे को दाईं तरफ वाले बेड पर सुलाते हैं तो वो हवा में उछल कर बाईं तरफ वाले बेड पर चला जाता है। जब पुलिस इस्टीफिनिया के कमरे में पहुंची तो देखा कि जीसस की फोटो उलटी पड़ी है।
यह सारी बातें पुलिस की रिपोर्ट में दर्ज है। यह खबरें मीडिया में आई तो पुलिस ने इंटरव्यू भी दिया। करीब एक महीने तक जांच के बाद पुलिस को जब कुछ नहीं मिला तो पुलिस ने उन्हें घर छोड़ने का मश्वरा दिया और उन्होंने उस घर को खाली कर दिया। घर बदलते ही यह सारी परालौकिक गतिविधियां खत्म हो गईं। इस घटना पर एक फिल्म भी बनी, जिसका नाम वेरोनिका (Veronica) है।













