ढाका। बांग्लादेश में हिंदू और बौद्ध अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं, और विरोध प्रदर्शनों पर घातक बल का इस्तेमाल किया जा रहा है। बांग्लादेश के खगराछड़ी जिले के गुइमारा उपजिला में रविवार, दोपहर एक गैर-मुस्लिम आदिवासी स्कूल छात्रा से रेप के विरोध में प्रदर्शन के दौरान 4 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना में चार अन्य लोग घायल हुए। कथित तौर पर बांग्लादेशी सेना ने उन पर गोलियां चलाईं। इसके बाद स्थानीय प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी, जिसके तहत सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध है।
प्रदर्शनकारियों ने इस आदेश की अवहेलना करते हुए पूरे जिले में नाकेबंदी का आह्वान किया। प्रदर्शनकारी जुम्मा छात्र जनता मंच के तहत गुइमारा सड़क पर नाकाबंदी कर रहे थे। सुबह 11:30 बजे सुरक्षा बल पहुंचे, कहा-सुनी हुई और फिर भारी गोलीबारी शुरू हो गई। इस हिंसा के बाद दुकानें लूटी गईं और उनमें आग लगा दी गई। जुम्मा छात्र जनता मंच ने आरोप लगाया कि सेना और सेटलर्स ने गुइमारा में लूटपाट और आगजनी की, जिसमें चार लोग मारे गए। उनकी मांगों में दो शेष आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, पीड़िता को पर्याप्त वित्तीय मुआवजा और विस्थापितों का पुनर्वास है।















