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दर्दनाक हादसा: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रेलर से टकराई स्लीपर बस, आग लगने से 7 यात्रियों की मौत

 राजस्थान :  दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। ऋषिकेश से इंदौर जा रही एक स्लीपर बस ट्रेलर से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में सात यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 22 लोग घायल हो गए। हादसा रात करीब ढाई बजे हुआ, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

टक्कर के बाद कुछ ही मिनटों में बस धधक उठी

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार स्लीपर बस दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर आगे चल रहे ट्रेलर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस और ट्रेलर दोनों में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया और यात्री जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

सात लोगों की मौत, कई की हालत गंभीर

प्रशासन के अनुसार हादसे में सात यात्रियों की जान चली गई। इनमें पांच लोगों की मौत आग में झुलसने से हुई, जबकि दो यात्रियों ने गंभीर सिर की चोटों के कारण दम तोड़ दिया। 22 घायलों को तत्काल दौसा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं।

अधिकांश यात्री नींद में थे

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दुर्घटना के समय अधिकांश यात्री सो रहे थे। जोरदार टक्कर के कारण कई लोग अपनी बर्थ से नीचे गिर गए। आग तेजी से फैलने के कारण यात्रियों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

हादसे की वजह का पता लगाने में जुटी पुलिस

पुलिस और प्रशासन दुर्घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं। शुरुआती जांच में चालक को झपकी आने और बस की तेज रफ्तार को संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

बचाव कार्य को लेकर उठे सवाल

स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव कार्य की गति पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि दमकल और बचाव दल के घटनास्थल पर पहुंचने में देरी हुई, जिससे कई यात्रियों को समय पर बाहर नहीं निकाला जा सका। वहीं कुछ लोगों ने दावा किया कि बस के लगेज कंपार्टमेंट में सिगरेट के पैकेट रखे थे, जिससे आग तेजी से फैली। हालांकि प्रशासन ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है और इसे भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।