छत्तीसगढ़ : हाई कोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े एक 12 साल पुराने मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए बड़ा कानूनी संदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति से उधार दिए गए पैसे वापस मांगना अपने आप में अपराध नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर कोर्ट ने आरोपी को सुनाई गई 7 साल की सजा रद्द कर दी और उसके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों से बरी कर दिया।
उधार का पैसा मांगना अपराध नहीं, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, 7 साल की सजा रद्द कर आरोपी को किया बरी












