Advertisement Carousel

राजस्व प्रकरणों में लापरवाही पर सख्त कलेक्टर, तीनों एसडीएम, तहसीलदारों सहित राजस्व अधिकारियों को नोटिस, कहा- आम जनता से जुड़े मामलों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं

मुंगेली। जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में हो रही देरी को लेकर कलेक्टर कुंदन कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कलेक्टोरेट स्थित एनआईसी कक्ष में आयोजित राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने कार्य में लापरवाही पाए जाने पर तीनों एसडीएम, सभी तहसीलदार, एएसएलआर एवं एसएलआर को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी और समय-सीमा से बाहर लंबित प्रकरणों का निराकरण हर हाल में एक सप्ताह के भीतर किया जाए।

बैठक में कलेक्टर ने अनुविभागवार विवादित एवं अविवादित नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। कई मामलों में निराकरण की गति धीमी पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई और अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ काम करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सीधे आम जनता से जुड़ा हुआ है, इसलिए नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

कलेक्टर कुंदन कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करें और तय समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राजस्व कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता बेहद जरूरी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा कर प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करें, ताकि लोगों का प्रशासन पर विश्वास मजबूत हो सके।

इस दौरान अतिरिक्त कलेक्टर निष्ठा पांडे तिवारी, अपर कलेक्टर जी.एल. यादव सहित राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।